
नई दिल्ली, 25 जुलाई (न्यूज़ 24 पंजाब) : NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली के चलते देशभर में चल रहे भारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।
प्रधान ने आज अपना इस्तीफा मंत्रिपरिषद को सौंपा।
क्या है पूरा मामला
– 3 मई 2026 को हुई NEET-UG 2026 परीक्षा का पेपर लीक होने के आरोप सामने आए थे। परीक्षा में 22 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुए थे।
– पेपर लीक की खबर के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी NTA ने परीक्षा रद्द कर दोबारा करवाई.
विपक्ष, छात्र संगठन और आम लोग लगातार मांग कर रहे थे कि शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे दें।
देशभर में स्टूडेंट्स द्वारा प्रदर्शन
पिछले कई हफ्तों से NEET पेपर लीक को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध हो रहा था:
– नर्मदापुरम, जौनपुर, श्रीगंगानगर, पूर्णिया, रायपुर, रांची समेत कई शहरों में छात्रों ने “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” के नारे लगाए।
– NSUI, कांग्रेस, AAP, यूकेडी के कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन, मशाल जुलूस और ज्ञापन सौंपकर CBI जांच, NTA को भंग करने और मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
– प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार पेपर लीक से लाखों छात्रों के भविष्य और भरोसे पर चोट लगी है। NSUI ने दावा किया कि 2017, 2021, 2024 और अब 2026 में भी NEET पेपर लीक हुए हैं।
स्टूडेंट्स की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारी और विपक्षी दल ये मांगें उठा रहे थे:
1. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा – नैतिक जिम्मेदारी के आधार पर
2. NTA को भंग करना और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाना
3. NEET पेपर लीक की JPC/सीबीआई जांच
4. प्रभावित छात्रों को मुआवजा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई
छात्रों ने कहा कि सालभर मेहनत करने के बाद पेपर लीक से उनका भविष्य दांव पर लग गया है। कुछ जगहों पर तनाव के कारण छात्रों की आत्महत्या की खबरें भी सामने आईं।
आगे क्या
अभी सरकार की तरफ से नए शिक्षा मंत्री के नाम का ऐलान नहीं हुआ है।










