
जालंधर, 18 अगस्त (कबीर सौंधी) : शहर के सबसे प्रतिष्ठित और वीआईपी क्लबों में शुमार जालंधर जिमखाना क्लब के आगामी चुनावों को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सितंबर 2026 में प्रस्तावित क्लब चुनावों के संचालन पर अब गंभीर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। जिले के डीसी दफ्तर कर्मचारी एसोसिएशन और पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन (PSMSU) ने इन चुनावों में किसी भी प्रकार की चुनावी ड्यूटी करने और सहयोग देने का पूरी तरह से बहिष्कार करने का बड़ा ऐलान कर दिया है। सरकारी कर्मचारियों के इस कड़े रुख के बाद जिला प्रशासन और क्लब प्रबंधन में हड़कंप मच गया है।
9 साल से लटका मानदेय, वादों के बाद भी नहीं मिला हक
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यह कड़ा फैसला मजबूरी में लेना पड़ा है क्योंकि कर्मचारियों के साथ पिछले 9 सालों से लगातार वादाखिलाफी की जा रही है। एसोसिएशन के अनुसार, साल 2017 में हुए लेडीज जिमखाना क्लब और जालंधर जिमखाना क्लब चुनावों के दौरान जिन सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिन-रात एक करके चुनाव ड्यूटी निभाई थी, उनका मानदेय आज तक जारी नहीं किया गया है। उस समय की तत्कालीन एसडीएम चारुमिता (PCS) और तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर वरिंदर कुमार शर्मा (IAS) ने कर्मचारियों को जल्द मानदेय जारी करने का पक्का भरोसा दिया था। इसके बावजूद कई साल बीत गए और बार-बार गुहार लगाने के बाद भी उस वादे को पूरा नहीं किया गया।
डीसी ऑफिस से लेकर तहसीलों तक, कोई नहीं करेगा चुनावी ड्यूटी
दी पंजाब स्टेट डिस्ट्रिक्ट (डी.सी.) दफ्तर कर्मचारी एसोसिएशन, जालंधर यूनिट ने इस संबंध में डिप्टी कमिश्नर को आधिकारिक पत्र सौंपते हुए अपने फैसले से अवगत करा दिया है। एसोसिएशन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक कर्मचारियों का लंबे समय से अटका हुआ मानदेय जारी नहीं किया जाता, तब तक डिप्टी कमिश्नर कार्यालय, एसडीएम (SDM) दफ्तरों और तहसीलदारों के कार्यालयों का कोई भी कर्मचारी जिमखाना क्लब चुनावों से जुड़े किसी भी काम में न तो भाग लेगा और न ही कोई ड्यूटी करेगा।
मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन ने भी खोला मोर्चा
इस विरोध प्रदर्शन को पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन (PSMSU) जालंधर यूनिट का भी पूरा समर्थन मिल गया है। यूनियन के जिला प्रधान तेजिंदर सिंह नंगल और जनरल सेक्रेटरी फिरोज मसीह ने स्पष्ट किया है कि डीसी दफ्तर कर्मचारी एसोसिएशन द्वारा लिए गए बहिष्कार के फैसले के साथ वे पूरी मजबूती से खड़े हैं। यूनियन ने ऐलान किया है कि जिमखाना क्लब चुनावों में जालंधर के किसी भी सरकारी विभाग का कोई भी कर्मचारी काम नहीं करेगा। ऐसे में अगर प्रशासन ने समय रहते इस मामले का हल नहीं निकाला, तो क्लब चुनावों का आयोजन खटाई में पड़ सकता है।










