
जालंधर, 15 सितंबर (कबीर सौंधी) : पंजाब के जालंधर में एक नशा तस्कर के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस और नगर निगम की टीम उस वक्त हैरान रह गई, जब पुलिस रिकॉर्ड में ‘फरार’ चल रहा आरोपी अपने ही घर के अंदर आराम से सोता हुआ मिला। पुलिस टीम उसके अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलवाने के लिए पहुंची थी, लेकिन जैसे ही दरवाजे की घंटी बजाई गई, आरोपी आंखें मलते हुए बाहर आ गया। पुलिस को सामने देख उसने बचने के लिए अफसरों के पैर छूने का ड्रामा शुरू कर दिया, हालांकि पुलिस ने उसे मौके से ही दबोच लिया।
अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाने पहुंची थी निगम और पुलिस की टीम
जालंधर के मकान नंबर 1026 में रहने वाले नशा तस्कर विक्रम सिंह उर्फ लक्की (पुत्र मनजीत सिंह) के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कस रखा था। जांच में सामने आया था कि आरोपी ने नशे की काली कमाई से इलाके में अवैध निर्माण खड़ा किया हुआ है। इसी निर्माण को ध्वस्त करने के लिए एसीपी आतिश भाटिया और एसएचओ नरेंद्र की अगुवाई में भारी पुलिस बल के साथ नगर निगम का दस्ता बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचा था।
घंटी बजी तो आंखें मलते हुए बाहर निकला ‘फरार’ आरोपी
पुलिस टीम यह मानकर चल रही थी कि गिरफ्तारी के डर से आरोपी फरार है और मकान खाली पड़ा होगा। डिमोलिशन की कार्रवाई शुरू करने से पहले एहतियातन जब अधिकारियों ने घर की डोरबेल बजाई और दरवाजा खटखटाया, तो अंदर से खुद तस्कर विक्रम सिंह उर्फ लक्की नींद से जागकर बाहर निकल आया। जो आरोपी लंबे समय से पुलिस की फाइलों में लापता चल रहा था, उसे अचानक सामने खड़ा देख पुलिस अधिकारी भी एक पल के लिए हक्के-बक्के रह गए।
कार्रवाई से बचने के लिए एसएचओ के पांव छूने का ड्रामा
बाहर आते ही जब विक्रम लक्की ने सामने भारी पुलिस बल और बुलडोजर देखा तो उसके होश उड़ गए। वह लंगड़ाते हुए आगे बढ़ा और कार्रवाई से बचने के लिए अफसरों के सामने मिन्नतें करने लगा। उसने एसीपी के सामने ही एसएचओ नरेंद्र के पैर छूने शुरू कर दिए और माफी मांगने का नाटक किया। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने उसके इस ड्रामे को पूरी तरह दरकिनार करते हुए उसे तुरंत हिरासत में ले लिया और सरकारी गाड़ी में बैठाकर सीधे थाने रवाना कर दिया।
आरोपी पर दर्ज हैं 12 संगीन मुकदमे, फिलहाल टली तोड़फोड़
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, विक्रम सिंह उर्फ लक्की एक आदतन अपराधी है और लंबे समय से नशा तस्करी के धंधे में सक्रिय था। उस पर कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से 7 केस एक्साइज एक्ट, करीब 3 मामले मारपीट व जानलेवा हमले और 3 मामले एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत दर्ज हैं। मौके पर मुख्य आरोपी के अचानक पकड़े जाने के बाद कानूनी पेचीदगियों के चलते नगर निगम की टीम ने फिलहाल मकान तोड़ने की कार्रवाई रोक दी और बुलडोजर वापस लौट गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी और अवैध संपत्ति पर भी जल्द नियम के तहत कार्रवाई होगी।










