
जालंधर, 13 सितंबर (कबीर सौंधी) : जालंधर के थाना डिवीजन नंबर 5 के अंतर्गत बस्ती शेख स्थित ऐतिहासिक दशहरा ग्राउंड के एक बंद कमरे से बिहार के युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में डेडबॉडी मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। कमरे के अंदर सिरिंज और कैप्सूल मिलने के बाद युवक की मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
मृतक की शुरुआती पहचान भूषण कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह कुछ दिन पहले ही बिहार से जालंधर आया था, जबकि उसके माता-पिता पिछले करीब 5 वर्षों से जालंधर में रह रहे हैं।
आसपास बिखरी थीं सिरिंज
जानकारी के मुताबिक, दशहरा ग्राउंड के एक बंद कमरे में युवक का शव पड़ा होने की सूचना लोगों को मिली। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
मौके पर सिरिंज और कुछ कैप्सूल मिलने की बात पुलिस ने भी स्वीकार की है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केवल इन चीजों के आधार पर युवक की मौत को नशे की ओवरडोज बताना जल्दबाजी होगी।
पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों का विशेष मेडिकल बोर्ड बनाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर विसरा भी जांच के लिए भेजा जाएगा। मेडिकल और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।
शीतल और SHO में बहस
घटना की जानकारी मिलने के बाद पूर्व विधायक और भाजपा नेता शीतल अंगुराल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कमरे के अंदर गए पुलिस कर्मचारी ने लाश का मुआयना करने के बाद वहां पड़ी सिरिंज को उठाकर बाहर फेंक दिया।
इस मुद्दे को लेकर शीतल अंगुराल और थाना डिवीजन नंबर 5 के SHO संजय के बीच मौके पर तीखी बहस भी हुई। अंगुराल ने आरोप लगाया कि घटनास्थल पर मौजूद संभावित सबूतों को सुरक्षित रखने के बजाय उन्हें हटाने की कोशिश की गई। उन्होंने युवक की मौत के मामले में हत्या की आशंका से भी इनकार नहीं किया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
वाहन को लेकर भी उठे सवाल
शीतल अंगुराल और स्थानीय लोगों ने शव को मौके से ले जाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। आरोप लगाया गया कि डेडबॉडी ले जाने के लिए माल ढोने वाला वाहन मंगाया गया, जबकि ऐसी स्थिति में एंबुलेंस का इस्तेमाल किया जाना चाहिए था।
हालांकि, पुलिस की ओर से घटनास्थल की कार्रवाई को लेकर कहा गया है कि जरूरी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने दशहरा ग्राउंड परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस शिकायत नहीं सुनती
वार्ड नंबर 54 के पार्षद पुत्र कृष्णा का दावा है कि इस संबंध में थाना डिवीजन नंबर 5 के SHO और DSP को पहले भी कई बार शिकायतें दी गई थीं। उन्होंने बस्ती शेख और बस्ती दानिशमंदां इलाके में नशे, लूटपाट और आपराधिक गतिविधियों को लेकर लोगों में डर का माहौल होने का आरोप लगाया।
पुलिस ने आरोप खारिज किए
वहीं पुलिस ने घटनास्थल से सबूत हटाने या उनके साथ छेड़छाड़ करने के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मौके की पूरी वीडियोग्राफी करवाई गई है और वहां से मिले जरूरी साक्ष्यों को सुरक्षित रखा गया है।
पुलिस का कहना है कि सिरिंज और कैप्सूल मिलने के बावजूद अभी मौत की वजह को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। पोस्टमार्टम और अन्य मेडिकल जांच की रिपोर्ट के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। भूषण कुमार की मौत नशे की ओवरडोज से हुई, हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य वजह है—इसका खुलासा जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगा।










