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पंजाब में 20 लाख वोटर गायब, 5.75 लाख मृत और सवा लाख निकले डबल वोटर : IAS आनंदिता मित्रा

चंडीगढ़, 04 अगस्त (ब्यूरो) : पंजाब में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का पहला चरण पूरा हो गया है, जिसके आंकड़े काफी चौंकाने वाले हैं। इस प्रक्रिया में चुनाव आयोग को करीब 20 लाख वोटरों के फॉर्म वापस नहीं मिले हैं, जबकि 4.12 लाख से अधिक मतदाता अपने पते पर ट्रेस ही नहीं हो सके। इसके अलावा 5.74 लाख वोटरों की मौत हो चुकी है और लगभग 1.19 लाख दोहरे (डबल) मतदाता पाए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनिंदिता मित्रा ने बताया कि चुनाव आयोग आगामी 13 अगस्त को मतदाता सूची का पहला ड्राफ्ट जारी करेगा, जिसके बाद लोगों को अपने दावे और एतराज दर्ज कराने के लिए करीब एक महीने का समय मिलेगा।

2.61 करोड़ फॉर्म बांटे गए, 90 फीसदी से ज्यादा वापस आए

अभियान के दौरान बूथ लेवल अफसरों (BLO) ने प्रदेश भर में 2.61 करोड़ इन्यूमरेशन फॉर्म बांटे थे, जिनमें से लगभग 2.41 करोड़ फॉर्म वापस जमा हो चुके हैं। इसका मतलब है कि 90.37 फीसदी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 20 लाख फॉर्म वापस नहीं आ पाए हैं। ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद ईआरओ (ERO) नागरिकों के दावों और एतराजों का निपटारा करेंगे। यदि किसी के दस्तावेजों में कोई गड़बड़ी या संशय पाया जाता है, तो संबंधित मतदाता को नोटिस भेजकर दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा। वहीं, नया वोट बनवाने के इच्छुक नागरिक अब फॉर्म नंबर 6 भरकर अपना आवेदन जमा करा सकते हैं।

16 अगस्त को बूथ स्तर पर लगेंगे विशेष कैंप

नागरिकों की सुविधा के लिए निर्वाचन आयोग ने व्यापक इंतजाम किए हैं। ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद इसकी प्रतियां सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सौंपी जाएंगी। जो मतदाता दफ्तरों तक नहीं आ सकते, उनके लिए 16 अगस्त को बूथ स्तर पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही पूरी प्रक्रिया और जानकारी को मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपडेट किया जाएगा ताकि लोग घर बैठे अपने नाम की स्थिति जांच सकें।

12 लाख अनमैप्ड वोटरों को घबराने की जरूरत नहीं

सर्वे में करीब 12 लाख मतदाता ऐसे पाए गए हैं जिनकी मैपिंग पूरी नहीं हो पाई है। इस पर स्पष्टीकरण देते हुए आनिंदिता मित्रा ने कहा कि अनमैप्ड मतदाताओं को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। उनके नाम मतदाता सूची में सुरक्षित हैं और उनके वोट को कोई खतरा नहीं है। ऐसे लोग अपने उपलब्ध दस्तावेजों के साथ दावा प्रस्तुत कर सकते हैं और उनका नाम लिस्ट में नियमित कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि यदि किसी के पास कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, तो ईआरओ स्तर पर भौतिक जांच (वेरिफिकेशन) कराकर भी उनका नाम सूची में शामिल किया जाएगा। हालांकि, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो स्थायी रूप से कहीं और चले गए हैं, उन्हें नोटिस नहीं भेजा जाएगा।

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