
जालंधर, 18 जुलाई (धर्मेंद्र सौंधी) : राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों, NAAC A++ मान्यता, शीर्ष राष्ट्रीय रैंकिंग, कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस का गौरव, नवाचार, कौशल विकास, खेल, शोध तथा सामुदायिक सेवा के क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने वाला हंसराज महिला महाविद्यालय, जालंधर (एचएमवी) अपनी शताब्दी पुरानी गौरवशाली परंपरा को निरंतर आगे बढ़ा रहा है। इसी क्रम में महाविद्यालय ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम करते हुए 12 जुलाई, 2026 को आयोजित गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर के वार्षिक दीक्षांत समारोह में 29 स्वर्ण पदक प्राप्त कर अकादमिक उत्कृष्टता की नई मिसाल कायम की।
यह गौरवपूर्ण उपलब्धि महाविद्यालय की शताब्दी यात्रा में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए विश्वविद्यालय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा मेधावी छात्राओं के निर्माण की समृद्ध परंपरा को पुनः स्थापित करती है। स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाली छात्राओं में खुशी कुमारी, जैसनूर कौर, मानचल, तान्या सूरी, नीरू शर्मा, ऋतिका, रिया शर्मा, कोमल, इशा अरोड़ा, सहजदीप सैनी, भाव्या जैन, श्वेता, रिया भसीन, तान्या सेठी, अमृता, मनप्रीत कौर, सना, स्मृद्धि जैन, अर्शदीप कौर, तनिशा, जसलीन कौर, शामली शर्मा, जाह्नवी महाजन, सुजैनप्रीत कौर, रमनप्रीत कौर, आदिति, साहिबप्रीत कौर, रजनी रानी तथा लवलीन कौर शामिल हैं।
इन छात्राओं ने बी.ए. (ऑनर्स), बी.बी.ए., बी.एससी. (सूचना प्रौद्योगिकी), बी.सी.ए., बी.एससी. (जैव प्रौद्योगिकी), बी.कॉम., बी. डिज़ाइन (मल्टीमीडिया), बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एवं सूचना विज्ञान, बी.पी.ई.एस., एम.एस.सी. (जैव सूचना विज्ञान), एम.एससी. (वनस्पति विज्ञान), एम.ए. (राजनीति विज्ञान), एम.एससी. (सूचना प्रौद्योगिकी) तथा एम.एससी. (भौतिकी) जैस विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह गौरव अर्जित किया।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. (श्रीमती) एकता खोसला ने इस अभूतपूर्व उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी स्वर्ण पदक विजेता छात्राओं को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में प्राप्त ये स्वर्ण पदक महाविद्यालय के शताब्दी वर्ष की सबसे गौरवपूर्ण उपलब्धियों में से एक हैं। यह सफलता छात्राओं की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन तथा महाविद्यालय के सशक्त शैक्षणिक वातावरण का सामूहिक परिणाम है।
डॉ. खोसला ने कहा कि हंसराज महिला महाविद्यालय सदैव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध एवं नवाचार, कौशल विकास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देकर छात्राओं की प्रतिभा को उत्कृष्टता में परिवर्तित करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने छात्राओं के अभिभावकों एवं शिक्षकों को भी इस सफलता के लिए बधाई देते हुए उनके सहयोग और मार्गदर्शन की सराहना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि ये स्वर्ण पदक विजेता छात्राएँ भविष्य में भी ज्ञान, ईमानदारी और सेवा के मूल्यों का पालन करते हुए समाज एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।










