
दिल्ली, 03 अप्रैल (ब्यूरो) : राज्यसभा में उपनेता के रूप में हटाए जाने के बाद पंजाब से राज्य सभा के सदस्य राघव चड्ढा ने आज पहली बार अपनी चुपी तोड़ी है। पार्टी लीडरशिप की ओर से उन्हें जहां बीते कल पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया गया था। वहीं, राज्यसभा सचिवालय को भी यह लिखकर दे दिया था कि पार्टी के कोटे से राघव चड्ढा को बोलने का समय न दिया जाए।
आज सुबह अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो जारी करके राघव चड्ढा ने कहा कि जिन लोगों ने मेरी आवाज को दबाया है उनसे कहना चाहता हूं कि मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना । मैं वो दरिया जो वक्त आने पर सैलाब बन जाता है। उन्होंने कहा कि मैं ऐसे मुद्दे उठाता हूं जिसे आम तौर पर संसद में नहीं उठाया जाता लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं कि आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को कहा है कि
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राघव चड्ढा को संसद में बोलने का मौका न दिया जाए। राघव चड्ढा ने आगे कहा, भला मेरे बोलने पर कोई रोक क्यों लगाना चाहेगा, मैं तो जब भी बात करता हूं आम आदमी की बात करता हूं। जोमोटो , ब्लिंकिट के डिलिवरी की बात रखी, टोल का मुद्दा उठाया, बैंक चार्जेंस, टेलीकाम कंपनियां कैसे बार बार रीचार्ज के नाम पर पैसे ले रही हैं इनका मुद्दा उठाया। ये तमाम मुद्दे सदन में उठाए,
जिससे देश के आम आदमी का तो फायदा हुआ लेकिन आम आदमी पार्टी का कैसे नुकसान हुआ ? भला मुझे बोलने से क्यों नहीं रोकना चाहेगा। राघव चड्डा ने कहा, आप लोग मुझे अनलिमिटेड प्यार देते हैं। जब मैं ये मुद्दे उठाता हूं तो आशीर्वाद देते हैं, प्यार देते हैं। ऐसे ही मेरा हाथ थामे रखिएगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने मेरी आवाज को दबाया है उनसे कहना चाहता हूं कि मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना । मैं वो दरिया जो वक्त आने पर सैलाब बन जाता है।













