
जालंधर, 19 फरवरी (कबीर सौंधी) : पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव आज जालंधर पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस लाइन्स में मादक द्रव्य-विरोधी कार्य बल (एएनटीएफ) की नवनिर्मित रेंज इमारत का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने राज्य की आंतरिक सुरक्षा, नशे के खिलाफ चल रही जंग, गैंगस्टरों पर कार्रवाई और हालिया आपराधिक मामलों को लेकर अहम जानकारियां साझा कीं। डीजीपी ने बताया कि जालंधर रेंज की यह अत्याधुनिक इमारत 1.60 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई है। इसके तहत पुलिस को करीब 2.5 करोड़ रुपये मूल्य का आधुनिक तकनीकी टूल मिला है, जो लगभग 500 प्रकार के ड्रग्स को डिटेक्ट करने में सक्षम है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लुधियाना में 3 करोड़ रुपये की लागत से नई एएनटीएफ इमारत 4–5 महीनों में तैयार हो जाएगी, जबकि फिरोजपुर में निर्माण कार्य तेजी से जारी है।
ई-मेल धमकियां और अंतरराष्ट्रीय साजिश
सुरक्षा चुनौतियों पर बोलते हुए डीजीपी ने खुलासा किया कि भारत-बांग्लादेश के मौजूदा हालात का फायदा उठाकर कुछ शरारती तत्व माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। ई-मेल के जरिए लगातार धमकियां भेजी जा रही हैं, जिन पर पंजाब पुलिस की साइबर सेल कड़ी नजर रखे हुए है।
नशा और गैंगस्टरों पर ‘स्ट्राइक’
डीजीपी ने बताया कि 20 जनवरी के बाद से राज्य में 10,000 से अधिक गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं। तरनतारन सरपंच हत्याकांड और गैंगस्टर लंडा के सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि विदेशों में बैठे अपराधी युवाओं को पैसों का लालच देकर गुमराह कर रहे हैं। ऐसे अपराधियों के खिलाफ रेड और ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसके साथ ही ऑपरेशन सिंदूर और एंटी-ड्रोन सिस्टम के जरिए पाकिस्तान से आने वाले हथियारों और नशे की खेप पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है।













