
जालंधर, 14 नवंबर (धर्मेंद्र सौंधी) : दिलबाग नगर एक्सटेंशन (ग्रोवर कॉलोनी) के लूधरा की कोठी नंबर 657 में बुधवार देर रात 21 वर्षीय लड़की ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान रानो के रूप में हुई हुई है। आत्महत्या से पहले लड़की की सीसीटीवी वीडियो सामने आई है। वह फंदा लगाने के लिए सीड़ी लेकर वीडियो में जाते हुई दिखाई दी है। घटना की सूचना मिलते ही थाना बस्ती बावा खेल के पुलिस मौके पर पहुंच गई। इस मामले को लेकर कल मृतका के परिजनों ने सड़क पर रोष प्रदर्शन किया और रोड जाम किया। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहीं सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले को दबाने के लिए 2.50 लाख रुपए की रिश्वत की ऑफर की भी चर्चा है। हालांकि जिसने ऑफर दी उसे बैरंग लौटा दिया गया और अब वे नेताओं के द्वारे चक्कर लगा रहा है। वैसे सबके लिए यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिरकार उस दिन कोठी में क्या-क्या हुआ जिसकारण एक लड़की ने अपनी जिंदगी खत्म कर ली। पुलिस सारे सीसीटीवी कैमरे खंगालेगी ताकि सच सामने आ सके।
मृतका की मां और उसकी बहन ने बताया कि रानो ग्रोवर कॉलोनी में एक कोठी में सर्वेट का काम करती है। वहीं पर उसने आत्महत्या की। मृतका कि मां ने बताया कि सुसाइड करने से पहले उनकी बेटी ने बताया कि फैक्ट्री में काम करने वाला युवक रात तीन बजे कोठी में बने सर्वेट क्वार्टर में पेशाब करने पहुंचा जहा युवती ने युवक पर उसके साथ छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए थे और अपनी मां को कहा कि वह इस कोठी में काम नहीं करना चाहती। मृतका कि बहन ने कोठी मलिक पर आरोप लगाया कि जब वह अपनी बहन को लेने गए तो कोठी मलिक ने उसे धमकाया और उसकी बहन को उनके साथ भेजने से इनकार कर दिया मृतका कि बहन ने बताया कि उसकी बहन का तलाक हो चुका है जिसके बाद पिछले एक साल से उसकी बहन इनकी कोठी में काम कर रही थी लेकिन मालिक द्वारा उसकी बहन से मिलने भी नहीं दिया जाता था। मृतका कि बहन ने आरोप लगाया कि उसकी बहन कोठी मलिक का कोई ऐसा रहस्य जान चुकी थी, जिसके चलते उसे ना तो मालिक द्वारा नौकरी से निकाला जा रहा था और न परिवार से मिलने दिया जा रहा था। बस उसे तंग परेशान किया जा रहा था, जिसके कारण उसे फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। जब इस मामले में कोठी मलिक के बेटे से बात की गई तो उसने बताया कि मृतका को उसी के परिवार ने ही कोठी में रहने की इजाजत दी थी।













