
जालंधर, 10 सितंबर (धर्मेंद्र सौंधी) : हंसराज महिला महाविद्यालय की फ्रायडियन साइकोलॉजिकल सोसायटी द्वारा “HOPE” शीर्षक से आत्महत्या रोकथाम पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन प्राचार्या प्रो. डॉ. (श्रीमती) अजय सरीन के सक्षम मार्गदर्शन में किया गया। इस कार्यशाला का संचालन प्रसिद्ध मनोचिकित्सक और लाइफ कोच श्री जतिंदरपाल सिंह ने किया। उनका स्वागत डॉ. अशमीन कौर, साइकोलोजी विभागाध्यक्ष द्वारा किया गया। कार्यशाला की शुरुआत एक सरल किंतु गहन प्रश्न आप कैसे हैं? से हुई।
श्री सिंह ने बताया कि अधिकांश लोग अपनी वास्तविक भावनाओं को छिपा लेते हैं। उन्होंने छात्रों को तनाव के लक्षणों, कारणों, आत्महत्या से जुड़े आँकड़ों और रोकथाम के उपायों के प्रति जागरूक किया तथा वास्तविक जीवन के उदाहरण सांझा करते हुए उनमें आशा और जागरूकता का संचार किया। सत्र में कई सहभागितापूर्ण गतिविधियाँ आयोजित की गई जिनमें स्क्रीमिंग एक्सरसाइज़ (आंतरिक पीड़ा को बाहर निकालने हेतु), रिफ्लेक्टिव राइटिंग, ग्राठडिंग प्रैक्टिसेस, क्रिएटिव विजुअलाइजेशन और मन की शक्ति पर प्रेरणादायक वार्ताएँ शामिल थीं।
कार्यक्रम का समापन छात्रों द्वारा तैयार किए गए प्रतीकात्मक “Hope Board” से हुआ। प्रिंसिपल डॉ. सरीन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विभाग ने अत्यंत संवेदनशील विषय को सकारात्मक तरीके से सामने रखा है। कार्यक्रम का संचालन सुश्री पहल जब्बल और सुश्री यागीमा साहनी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सुश्री प्रिया सेठ द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस कार्यशाला में साइकोलोजी विभाग से सुश्री नंदिता शर्मा, सुश्री इशमप्रीत कौर और श्रीमती गुरप्रीत सहित विभिन्न विषयों के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।














