ताज़ा खबरपंजाब

HMV में ‘कल्चरल एक्सचेंज प्रोग्राम’ के तहत नेहरू कॉलेज ऑफ साइंस एंड आर्ट्स, तमिलनाडु का 5वां और 6वां दिन का दौरा

जालंधर, 26 मार्च (धर्मेंद्र सौंधी) : हंस राज महिला महाविद्यालय द्वारा प्राचार्या प्रो. डॉ. (श्रीमती) अजय सरीन के मार्गदर्शन में आयोजित सात दिवसीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का पांचवां और छठा दिन नेहरू कॉलेज ऑफ साइंस एंड आर्ट्स, तमिलनाडु का उत्साहवर्धक और ज्ञानवर्धक रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर और डीएवी गीत सुनाकर किया गया। प्राचार्या डॉ. सरीन ने श्रीमती आर. मालती एसोसिएट प्रोफेसर और अंग्रेजी विभागाध्यक्ष, सांस्कृतिक विरासत और मानव उत्कृष्टता केंद्र की निदेशक और डॉ. समिंथा सीआर, मलयालम विभागाध्यक्ष, भारतीय ज्ञान प्रणाली केंद्र की निदेशक को ग्रीन प्लांटर्स भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम संयोजिका डॉ. रमनिता सैनी शारदा के नेतृत्व में पूरा कार्यक्रम सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित किया गया। इस दिन पूरी टीम ने मनोविज्ञान लैब, सक्षम, रिसाइकिलिंग यूनिट और पत्रकारिता विभाग तथा संगीत एवं नृत्य विभाग का दौरा किया। दोपहर को डॉ. रितु बजाज के मार्गदर्शन में टीम द्वारा गृह विज्ञान विभाग का दौरा किया गया तथा स्वादिष्ट पंजाबी व्यंजनों का आनंद लिया गया, जहां उन्होंने तमिलनाडु के कुछ व्यंजन तैयार किए थे।

शाम को कॉलेज के अमदी दा वेहरा में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें विशेष रूप से तमिलनाडु दूल्हा-दुल्हन नृत्य तथा पंजाबी दूल्हा-दुल्हन नृत्य प्रस्तुत करके दोनों राज्यों की संस्कृतियों को पेश किया गया। छठा दिन सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम को समर्पित था जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करके दोनों राज्यों की संस्कृतियों को दर्शाया गया। नेहरू कॉलेज ऑफ साइंस एंड आर्ट्स, तमिलनाडु ने अपनी परंपराओं और संस्कृति को प्रस्तुत करते हुए, थिरुवथिकाली, करकट्टम, कुज़मी, नेपनपट्टू, भरतनाट्यम आदि जैसे कई नृत्यों का प्रदर्शन करके अपनी विशिष्टता को दर्शाया। इस अवसर पर एचएमवी के विद्यार्थियों ने लोकगीत, लोकनृत्य जैसे गिद्दा, भांगड़ा आदि प्रस्तुत करके पंजाबी संस्कृति का परिचय दिया। प्राचार्या प्रो. डॉ. (श्रीमती) अजय सरीन ने अपने भाषण में अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि जिस उद्देश्य से हमने यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम आयोजित किया था, वह आज अपने चरम पर पहुंच चुका है तथा अपने उद्देश्य की पूर्ति की ओर अग्रसर है। उन्होंने यह भी कहा कि जब दो परंपराएं और संस्कृतियां आपस में मिलती हैं, तो नए विचार और नए उद्देश्य पैदा होते हैं।

उन्होंने नेहरू कॉलेज ऑफ साइंस एंड आर्ट्स, तमिलनाडु के प्राचार्य और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया, जिनके प्रयासों से आज यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से अब हमारा तमिलनाडु दौरा इस रिश्ते को और अधिक समृद्ध व पुष्पित करेगा। उन्होंने कहा कि आज का सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम हमेशा हमारी यादों में रहेगा। अपने भाषण में तमिलनाडु से आई अध्यापिका डॉ. मालती ने कॉलेज द्वारा समय-समय पर प्रदान की गई गर्मजोशी व सौहार्द के लिए आभार व्यक्त किया तथा कहा कि यहां के विद्यार्थियों द्वारा संकाय को दिए गए प्यार व सम्मान को वे हमेशा याद रखेंगे। डॉ. रमनीता सैनी शारदा ने कहा कि यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम निश्चित रूप से सभी के लिए अविस्मरणीय रहेगा। मंच का संचालन श्रीमती लवलीन कौर ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ संकायाध्यक्ष व डीन युवा कल्याण डॉ. नवरूप कौर, आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. आश्मीन, कंप्यूटर विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता अरोड़ा भी उपस्थित थीं।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button