ताज़ा खबरपंजाब

सीईवी आईएएफ आरवीओ द्वारा तकनीकी नवाचार, बाज़ार व्यवहार एवं कर सुधारों पर उच्च स्तरीय सीईपी सत्र का सफल आयोजन

जालंधर, 21 फरवरी (कबीर सौंधी) : सीईवी आईएएफ रजिस्टर्ड वैल्यूअर्स ऑर्गनाइजेशन (CEV IAF RVO) द्वारा दिनांक 21 फरवरी 2026 को 4 सीईपी अंकों (CEP Points) वाला एक महत्वपूर्ण सतत व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 247 के अंतर्गत अधिसूचित Companies Act, 2013 तथा Ministry of Corporate Affairs द्वारा जारी कंपनियाँ (रजिस्टर्ड वैल्यूअर्स एवं मूल्यांकन) नियम, 2017 के नियम 5(1) सहपठित नियम 12(2)(e) के अनुरूप आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम के आधिकारिक प्रायोजक के रूप में Council of Engineers and Valuers ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम में पंजाब एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पंजीकृत वैल्यूअर्स, अभियंता, वित्तीय विशेषज्ञ तथा संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

________________________________________

पंजाब के विभिन्न अध्यायों की गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में पंजाब क्षेत्र के विभिन्न अध्यायों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता की। इनमें पटियाला, चंडीगढ़, होशियारपुर, बठिंडा, जालंधर, अमृतसर, फिरोजपुर, कोटकपूरा, रोपड़, जगराओं, नवांशहर, फगवाड़ा, पंचकुला, मोहाली, कपूरथला, भोगपुर आदि अध्यायों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।

इन सभी अध्यायों की उपस्थिति ने संगठन की क्षेत्रीय एकता, समन्वय और पेशेवर प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।

________________________________________

वरिष्ठ नेतृत्व एवं गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में संगठन के कई वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित वैल्यूअर्स तथा पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

• Er. Sandeep Bansal – प्रबंध निदेशक

• Dr. Rajvinder Singh – मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO)

• संगठन के निदेशक

• Er. Rajesh Kumar

• Er. Manoj Mittal

• Er. Vaibhav Bansal 

• विभिन्न अध्यायों के प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी

वरिष्ठ नेतृत्व की सक्रिय उपस्थिति ने कार्यक्रम को संस्थागत मजबूती प्रदान की तथा सतत व्यावसायिक विकास के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया।

________________________________________

 

प्रबंध निदेशक का उद्घाटन संबोधन

अपने उद्घाटन भाषण में प्रबंध निदेशक महोदय ने कहा कि सतत व्यावसायिक शिक्षा केवल नियामकीय औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रत्येक रजिस्टर्ड वैल्यूअर का नैतिक एवं वैधानिक दायित्व है। उन्होंने उल्लेख किया कि कंपनी अधिनियम की धारा 247 के अंतर्गत वैल्यूअर्स को वैधानिक अधिकार प्राप्त हैं और उनके मूल्यांकन प्रतिवेदन का प्रभाव बैंकिंग, दिवाला समाधान, विलय-अधिग्रहण तथा कर निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों पर पड़ता है।

उन्होंने यह भी कहा कि Insolvency and Bankruptcy Board of India की निगरानी में कार्य करते हुए वैल्यूअर्स को तकनीकी दक्षता, निष्पक्षता और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। प्रत्येक मूल्यांकन रिपोर्ट एक कानूनी दस्तावेज़ है, जिसकी विश्वसनीयता संगठन और पेशे की साख से जुड़ी होती है।

________________________________________

प्रमुख तकनीकी सत्र

1. कंक्रीट प्रौद्योगिकी में नवाचार

वक्ता: Er. Suresh Arora

इस सत्र में आधुनिक निर्माण सामग्रियों एवं कंक्रीट तकनीक में हो रहे नवाचारों पर विस्तृत चर्चा की गई। वक्ता ने बताया कि उन्नत तकनीक का प्रभाव परिसंपत्तियों की शेष उपयोगी आयु, मूल्यह्रास निर्धारण, प्रतिस्थापन लागत आकलन तथा सतत विकास मानकों पर सीधा पड़ता है।

तकनीकी ज्ञान से ही मूल्यांकन प्रतिवेदन को वैज्ञानिक आधार एवं विधिक मजबूती मिलती है।

________________________________________

2. संपत्ति मूल्यांकन में स्टिग्मा एवं वास्तु प्रभाव

वक्ता: Er. Subdeep Bansal

इस सत्र में संपत्ति मूल्यांकन पर सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक कारकों के प्रभाव का विश्लेषण किया गया। वक्ता ने बताया कि पूर्व घटनाएँ, कानूनी विवाद, पर्यावरणीय स्थितियाँ अथवा वास्तु संबंधी मान्यताएँ बाज़ार मांग एवं मूल्य को प्रभावित कर सकती हैं।

वैल्यूअर का दायित्व है कि वह बाज़ार साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष एवं वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन प्रस्तुत करे तथा ऐसे कारकों का उचित दस्तावेजी उल्लेख करे।

________________________________________

3. आयकर ड्राफ्ट नियम 2026

वक्ता: Dr. Rajwinder Singh Bansal

इस सत्र में प्रस्तावित आयकर ड्राफ्ट नियम 2026 के संभावित प्रभावों पर प्रकाश डाला गया। चर्चा में फेयर मार्केट वैल्यू निर्धारण, पूंजीगत लाभ गणना, रिपोर्टिंग मानकों तथा अनुपालन आवश्यकताओं पर संभावित प्रभावों का विश्लेषण किया गया।

वक्ता ने कहा कि कर कानूनों में परिवर्तन के साथ अद्यतन रहना प्रत्येक वैल्यूअर के लिए आवश्यक है, जिससे पेशेवर जोखिम कम हो तथा रिपोर्ट नियामकीय रूप से सुदृढ़ बनी रहे।

________________________________________

पेशेवर उत्कृष्टता की दिशा में प्रतिबद्धता

कार्यक्रम के अंत में सहभागियों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न अध्यायों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए।

सीईवी आईएएफ आरवीओ ने भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक एवं समसामयिक विषयों पर सीईपी कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि भारत में मूल्यांकन पेशे को और अधिक सशक्त, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाया जा सके।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button