मालवा में जनाधार खिसकने के जोरदार संकेत— आप के लिए खतरे की घंटी

जालंधर 15 अक्तूबर (धर्मेन्द्र सौंधी) : पंजाब में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और आम आदमी पार्टी के लिए मालवा में खतरे की घंटी बज चुकी है। परविंदर झोटा हत्याकांड ने जैसे लोगों का रोष दिखाया है वो इस बात का जोरदार संकेत है कि आम आदमी पार्टी के प्रति लोगों के मन में गुस्सा बढ़ गया है। लोगों ने गुस्से में आकर स्थानीय नेताओं के साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान व सुप्रीम नेताओं के भी पोस्टर फाडऩे शुरू कर दिए हैं और लोगों के इस रोष को भुनाने में अन्य विपक्षी दल जुट गए हैं। सीटों की बात करें तो पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से अकेले मालवा के खाते में 69 सीटें, माझा के 25 और दोआबा के खाते 23 सीटें आती हैं। यानि जो मालवा जीतता है वो ही सरकार बना सकता है।

ऐसे में आम आदमी पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है विपक्षी दलों ने दावा किया कि झोटा की हत्या से नशे की समस्या के खिलिाफ़ आवाज़ उठाने वालों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। बीजेपी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से जवाबदेही की मांग की। पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने हत्या की सीबीआई जांच कराने की मांग की। उन्होंने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की। इस बीच वीरवार को पंजाब बंद का आह्वान किया गया है। अगर यह बंद मालवा में सफल रहता है तो इस बात के पूरे संकेत हैं कि आम आदमी पार्टी नेताओं और चुनाव लडऩे की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों की राह मुश्किल भरी होने वाली है।










