चंडीगढ़ताज़ा खबरपंजाब

महंगाई का झटका: पंजाब-चंडीगढ़ में 9 दिनों में तीसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

चंडीगढ़/जालंधर 23 मई (हरजिंदर सिंह) : पंजाब, चंडीगढ़ और इसके आस-पास के ट्रिसिटी इलाकों में आम जनता को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। पिछले 9 दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में यह तीसरी बड़ी बढ़ोतरी है। वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने एक बार फिर ईंधन के दामों में इजाफा कर दिया है।

इस ताज़ा बढ़ोतरी के बाद पंजाब में पेट्रोल ₹102 के पार पहुंच गया है, वहीं हरियाणा के पंचकूला में भी पेट्रोल पहली बार ₹100 प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर गया है।

📈 नए रेट और पिछले 9 दिनों का गणित

तेल कंपनियों द्वारा 15 मई से शुरू किए गए इस सिलसिले में ईंधन के दाम कुल मिलाकर लगभग ₹5 प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं। आइए एक नज़र डालते हैं कि पिछले 9 दिनों में किस तरह कीमतें बढ़ीं:

पहला झटका (15 मई 2026): पेट्रोल में लगभग ₹2.97 और डीजल में ₹2.80 से ₹3.00 तक की भारी बढ़ोतरी की गई। (यह पिछले 4 साल में पहली बड़ी बढ़ोतरी थी)।

दूसरा झटका (19 मई 2026): कीमतों में दोबारा लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

तीसरा झटका (23 मई 2026): शनिवार सुबह पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से 85 से 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई।

पंजाब और चंडीगढ़ में आज के नए भाव (अनुमानित दरें):

शहर/राज्य पेट्रोल का नया दाम (प्रति लीटर) डीजल का नया दाम (प्रति लीटर)

पंजाब (औसत) ₹102.13 ₹91.93

चंडीगढ़ (UT) ₹98.97 ₹86.99

पंचकूला (हरियाणा) ₹100.10 ₹92.60

मोहाली (पंजाब) ₹102.30 ₹92.10

नोट: स्थानीय वैट और करों के कारण पंजाब के अलग-अलग जिलों जैसे अमृतसर, लुधियाना, जालंधर और पटियाला में कीमतों में मामूली अंतर हो सकता है।)

🌍 आखिर क्यों बढ़ रहे हैं दाम? (वैश्विक कारण)

इस बेतहाशा बढ़ोतरी के पीछे सबसे मुख्य कारण पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव है।

कच्चे तेल में उछाल: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव से पहले वैश्विक बाजार में कच्चा तेल (Crude Oil) लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल पर था। वर्तमान में यह तेजी से बढ़ते हुए 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का बंद होना: वैश्विक तेल व्यापार का लगभग पांचवां (1/5) हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। तनाव के कारण इस मार्ग के प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे तेल कंपनियों पर भारी वित्तीय दबाव आ गया है।

CNG की कीमतों में भी वृद्धि: सिर्फ पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर और चंडीगढ़ ट्रिसिटी में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतों में भी ₹1 से ₹1.70 प्रति किलोग्राम तक की वृद्धि की गई है, जिससे ग्रीन मोबिलिटी अपनाने वाले उपभोक्ताओं को भी झटका लगा है।

🌾 किसानों और कृषि क्षेत्र पर चौतरफा मार

पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है और इस समय धान (Paddy) की बुवाई का सीजन नजदीक आ रहा है। ऐसे समय में डीजल की कीमतों में उछाल कृषि क्षेत्र के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होने वाला है।

लागत में भारी वृद्धि: विशेषज्ञों के अनुसार, धान की खेती में प्रति एकड़ लगभग 90 लीटर डीजल की आवश्यकता होती है (सिंचाई और जुताई के लिए पंपसेट व ट्रैक्टर चलाने में)।

₹750 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त बोझ: पंजाब के किसान नेताओं और कृषि अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि इस डीजल बढ़ोतरी के कारण पंजाब के किसानों पर अकेले इस बुवाई सीजन में ₹756 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।

किसान संगठनों ने सरकार से मांग की है कि कृषि कार्य के लिए उपयोग होने वाले डीजल पर विशेष सब्सिडी दी जाए या वैट (VAT) में कटौती की जाए।

🏠 आम जनता और घरेलू बजट पर प्रभाव

लगातार बढ़ती कीमतों से ट्रांसपोर्टर्स, कैब चालकों, डिलीवरी पार्टनर्स और नौकरीपेशा लोगों का घरेलू बजट पूरी तरह से डगमगा गया है।

“हमारा काम पूरी तरह से बाइक चलाने पर निर्भर है। कंपनियां हमें तय किलोमीटर के हिसाब से भुगतान करती हैं, लेकिन ईंधन के दाम बढ़ने से हमारी बचत अब शून्य हो चुकी है। घर चलाना मुश्किल हो रहा है।” > — सुखविंदर सिंह, डिलीवरी बॉय (जालंधर)

माल ढुलाई महंगी होने का डर: डीजल की कीमतों में लगभग ₹5 की संचयी वृद्धि के कारण जल्द ही सब्जियां, फल, दूध और दैनिक उपभोग की अन्य आवश्यक वस्तुओं के परिवहन किराए में बढ़ोतरी होगी, जिससे आने वाले दिनों में खुदरा महंगाई और बढ़ सकती है।

पैनिक बाइंग से बचने की अपील: इस बीच, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराकर जरूरत से ज्यादा ईंधन का भंडारण (Panic Buying) न करें।

सरकार और तेल कंपनियां वैश्विक परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं, लेकिन यदि पश्चिम एशिया में तनाव जल्द शांत नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में आम जनता को महंगाई के और भी तीखे तेवर झेलने पड़ सकते हैं।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button