
जालंधर, 05 मई (कबीर सौंधी) : राष्ट्रीय कानूनी सेवाएं अर्थोरिटी और पंजाब कानूनी सेवाएं अथॉरिटी के निर्देशानुसार, जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी, जालंधर द्वारा 9 मई 2026 को न्यायिक अदालतों जालंधर, नकोदर और फिल्लौर में राष्ट्रीय लोक अदालत लगाई जा रही है। इस लोक अदालत में लंबित सिविल और फौजदारी के समझौता होने योग्य मामले तथा अन्य संस्थाओं जैसे बैंकों, बिजली विभाग, वित्तीय संस्थानों के प्री-लिटिगेशन मामले समझौते के माध्यम से निपटाए जाएंगे। इस राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए 21 बेंच जालंधर में तथा फिल्लौर और नकोदर में 2-2 बेंच बनाए गए है, कुल 25 बेंच होंगे।
जिला एवं सेशन जज-कम-चेयरमैन, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, जालंधर श्रीमती प्रिया सूद ने बताया कि इस लोक अदालत में दीवानी मामले, वैवाहिक झागड़े, मोटर दुर्घटना क्लेम केस, चेक बाउंस के मामले और फौजदारी के समझौता योग्य मामले सुनवाई के लिए रखे जाएंगे। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने लंबित अदालती मामलों का निपटारा इस लोक अदालत के माध्यम से करवाने के लिए संबंधित अदालत में आवेदन दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि लोक अदालत का फैसला अंतिम होता है और इसके खिलाफ कहीं भी अपील नहीं की जा सकती।
इस संबंध में सी.जे.एम.-कम-सेक्रेटरी, जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी, जालंधर राहुल कुमार आजाद द्वारा बैंक अधिकारियों, बीमा कंपनियों के अधिकारियों के साथ वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र, जिला कचहरी जालंधर में बैठकें की गई। उन्होंने बैंकों, मोबाइल कंपनियों और बीमा कंपनियों के अधिकारियों को विभिन्न अदालतों में चल रहे मामलों को समझौते के माध्यम से लोक अदालत में निपटाने के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्री-लिटिगेशन मामले जो अभी अदालतों में दायर नहीं हुए हैं, उन मामलों का भी समझौते के माध्यम से निपटारा करवाने के लिए केस भेजे जा सकते है।














