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एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स जालंधर में “विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस” पर एक्सप्रेसिव आर्ट्स थेरेपी विषय पर IQAC द्वारा फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन

जालंधर, 10 अक्तूबर (धर्मेंद्र सौंधी) : एपीजे कॉलेज ऑफ़ फाइन आर्ट्स जालंधर में विद्यार्थियों के निरंतर विकास के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन तो करवाया ही जाता है इसके साथ ही साथ प्राध्यापकगण के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति भी संवेदनशील होते हुए फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन भी करवाया जाता है। “विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस” के अवसर पर शिक्षकों के कल्याण और मानसिक सुदृढ़ता के लिए IQAC द्वारा “कविता, चित्रकला और शिक्षाशास्त्रः शिक्षकों के लिए एक्सप्रेसिव आर्ट्स थेरेपी पर फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन करवाया गया।

प्राचार्य डॉ नीरजा ढींगरा ने इस विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के बदलते हुए दौर में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है क्योंकि बढ़ती प्रतियोगिताओं के युग में आज काफी लोग मानसिक उदासीनता एवं परेशानियों से जूझ रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने आज “विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस” के अक्सर पर फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया है। इस कार्यक्रम में स्रोतवक्ता के रूप में पीजी डिपार्मेंट आफ साइकोलॉजी की प्राध्यापिका मैडम निहारिका मजूमदार उपस्थित हुई। सुश्री निहारिका मजूमदार अध्यापन के साथ-साथ एक्सप्रेसिव आर्ट्स थेरेपिस्ट भी हैं।

इस प्रोग्राम में मैडम मजूमदार ने में शिक्षकों में बढ़ती बर्नआउट की चुनौती पर व्यापक रूप से चर्चा की गई, इसके अंतर्निहित शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और संस्थागत कारकों के साथ-साथ शिक्षण प्रभावकारिता पर इसके प्रत्यक्ष प्रभाव का भी विश्लेषण किया गया। सुश्री निहारिका ने विशेष रूप से बचपन की यादों को फिर से ताजा करते हुए कलरिंग, स्केचिंग, रीजनिंग एवं कविता लिखने का अवसर प्रदान करते हुए वर्कशीट्स दी जिसे सभी टीचर्स अपने बचपन की यादों में खो गए। सभी टीचर्स ने बड़े उत्साह से उन वर्कशीट को पूरा करते हुए जहां कलरिंग, स्केचिंग, सवालों के जवाब दिए वहां पर खूबसूरत कविताओं की रचना भी कर डाली। कॉग्निटिव बिहेवियरल तकनीक के माध्यम से सत्र में नकारात्मक विचार पैटर्न को पुनर्गठित करने, स्वस्थ सीमाएँ निर्धारित करने और दैनिक तनाव का प्रबंधन करने के उद्देश्य से व्यावहारिक सीबीटी-आधारित गतिविधियों और लक्षित वर्कशीट को शामिल किया गया।

जीवन में माइंडफुलनेस को महत्व देते हुए तत्काल तनाव से राहत प्रदान करने और गहन विश्राम को बढ़ावा देने के लिए एक निर्देशित ध्यान और माइंडफुलनेस सत्र भी आयोजित किया गया। इतने विचारपूर्ण विषय पर फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन करने के लिए डॉ रूपाली सूद ने मैडम निहारिका मजूमदार एवं टीचर्स की सक्रिय प्रतिभागिता के लिए आभार व्यक्त किया। डॉ ढींगरा ने इतने विचारात्मक विषय को वर्णित करने के लिए मैडम निहारिका के प्रयासों की सराहना की, उन्होंने फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के सफल आयोजन के लिए कार्यक्रम प्रभारी डॉ रुपाली सूद एवं डॉ अंजना कुमारी के प्रयासों की भी सराहना की।

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