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एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स, जालंधर में ‘हैप्पीनेस कार्निवल’ के माध्यम से विश्व मानसिक स्वास्थ्य माह मनाया गया

जालंधर, 31 अक्तूबर (धर्मेंद्र सौंधी) : एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स, जालंधर में प्रिंसिपल डॉ. नीरजा ढींगरा के दूरदर्शी मार्गदर्शन में साइकोलॉजी विभाग और साइकोलॉजी फोरम द्वारा विश्व मानसिक स्वास्थ्य माह के अवसर पर एक सप्ताह तक चलने वाले विशेष कार्यक्रम ‘हैप्पीनेस कार्निवल’ का आयोजन किया गया

 

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस प्रत्येक वर्ष 10 अक्टूबर को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना और इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को दूर करना है इस वर्ष की थीम ‘Lived Experiences Heard: Real Voices, Real Change’ को ध्यान में रखते हुए कॉलेज द्वारा विद्यार्थियों में भावनात्मक समझ, संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।

इस सात दिवसीय आयोजन के दौरान विद्यार्थियों ने ‘आपके लिए खुशी का क्या अर्थ है?’ विषय पर साक्षात्कार किए, खुशियाँ बाँटने का अभियान चलाया तथा कविता, संगीत और विचारों की प्रस्तुति के माध्यम से ओपन माइक सत्र में भाग लिया इसके अतिरिक्त, हैप्पीनेस कार्निवल में फेस पेंटिंग, बुकमार्क, बेकरी उत्पाद, फोटो बूथ और मनोवैज्ञानिक परीक्षणों के स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।

मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष मैडम निहारिका मजूमदार ने एक्सप्रेसिव आर्ट्स थेरेपी वर्कशॉप के माध्यम से विद्यार्थियों को कला और रचनात्मक गतिविधियों द्वारा अपनी भावनाओं को समझने एवं व्यक्त करने के विभिन्न तरीकों से परिचित करवाया काउंसलर एवं मनोवैज्ञानिक मिस प्रणवचीत कौर और मिस अनंतदीप कौर द्वारा भावनात्मक साक्षरता, वास्तविक भावनाओं एवं बाहरी लेबलों के बीच अंतर को समझने तथा स्वस्थ एवं प्रभावी तनाव-प्रबंधन के तरीकों पर चर्चा की गई इसी प्रकार, वरिष्ठ काउंसलिंग मनोवैज्ञानिक मिस दामिनी तिवारी ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए मनोवैज्ञानिक सहायता के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान की।

इस अवसर पर प्रिंसिपल डॉ. नीरजा ढींगरा ने होम साइंस विभाग के अध्यक्ष डॉ. मोनिका आनंद तथा साइकोलॉजी विभाग के अध्यापक मैडम निहारिका मजूमदार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों का दायित्व विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनका मानसिक और भावनात्मक विकास करना भी है उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य मानवीय गरिमा और सर्वांगीण विकास की आधारशिला है ऐसे प्रयास विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं को समझने तथा एक-दूसरे के प्रति सहानुभूति और संवेदनशीलता की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित करते हैं इस प्रकार, ‘हैप्पीनेस कार्निवल’ के माध्यम से कॉलेज ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

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