
जालंधर 31 अक्तूबर (धर्मेन्द्र सौंधी) : शहर के तंग बाजारों में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है और तेजाब का इस्तेमाल धड़ल्ले से किया जा रहा है। लाल बाजार, पापडिय़ां, भट्टां वाली गली समेत कई इलाकों में तेजाब का इस्तेमाल ऐसे किया जा रहा है मानो किसी दवाई का इस्तेमाल किसी मरीज के लिए किया जा रहा है जबकि ये दवा नहीं जहर है। अलग-अलग कामों के लिए प्रयोग किया जा रहा यह तेजाब गलियों व बााजारों की नालियों में बहता रहता है जिसकारण कई कुत्तों की मौत भी हो चुकी है और कई मरने के करीब हैं। इन बाजारों में कम से कम 50 दुकानें ऐसी हैं जो चांदी की सफाई के लिए तेजाब का प्रयोग करते हैं। इन सभी पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में आने वाले खतरे से बचा जा सके। खुद दुकानदारों को सजग होना होगा कि थोड़े से मुनाफे के लिए किसी की जिंदगी खतरे में मत डालें। उल्लेखनीय है कि यह बहुत ही गंभीर और चिंता का विषय है।
आवासीय या भीड़-भाड़ वाले स्थानीय बाजारों जैसे लाल बाजार, पापड़ी बाजार और भठां बाली गली में सरेआम तेजाब का कारोबार और भंडारण केवल कानूनन अपराध ही नहीं बल्कि आसपास के लोगों के जीवन और सुरक्षा के लिए भी बहुत बड़ा खतरा है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेशों और सरकारी नियमों के अनुसार, खुले बाजार में तेजाब की खुलेआम बिक्री और बिना लाइसेंस के इसका व्यवसाय करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।उल्लेखनीय है कि मनीष बाहरी ने इस संबंध में पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को भी शिकायत की हुई है उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जल्दी वह पटियाला में जाकर इसकी शिकायत लिखित में शिकायत दर्ज करवाएंगे और अगर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो माननीय हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से भी हिचकिचाएंगे नहीं













