ताज़ा खबरपंजाब

HMV में अंतरर्राष्ट्रीय योग दिवस पर स्वस्थ जीवन का संदेश

जालंधर 22 जून (धर्मेन्द्र सौंधी) : हंसराज महिला महाविद्यालय, जालंधर एवं आर्य प्रतिनिधि उपसभा, पंजाब इकाई के संयुक्त तत्वावधान एवं कॉलेज स्टूडेंट कौंसिल, एनसीसी, एनएसएस और कालेज के स्पोर्ट्स विंग के सहयोग से अंतरर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन बड़े उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। प्राचार्या डॉ, एकता खोसला के दूरदर्शी नेतृत्व एवं प्रेरणादायी मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों को योग के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में आर्य उपसभा (पंजाब) के प्रधान डॉ. जे.पी. शूर, उपसंरक्षक श्री कुन्दनलाल अग्रवाल तथा डी.ए.वी. सी.एम.सी., नई दिल्ली के सचिव श्री अजय गोस्वामी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए इसे दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित इस वर्ष की थीम ‘वृद्धावस्था में स्वस्थ जीवन के लिए योग’ को केंद्र में रखते हुए योग विशेषज्ञ श्री सिमरन हरि सिडाना ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासनों, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास करवाया। उन्होंने योग के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को स्वस्थ, संतुलित एवं तनावमुक्त जीवन प्रदान करता है। कार्यक्रम के प्रारंभ में एन.एस.एस. कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ज्योति गोगिया ने वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक एवं तनावपूर्ण जीवन में योग और ध्यान की महत्ता पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित एवं सकारात्मक दिशा प्रदान करने वाली एक समग्र जीवन-पद्धति है। प्राचार्या डॉ. एकता खोसला ने अपने संदेश में कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो शारीरिक स्वास्थ्य के साथ साथ मानसिक शांति एवं आत्मिक संतुलन प्रदान करता है।

प्राचार्या डॉ. एकता खोसला ने कहा कि हंसराज महिला महाविद्यालय के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आर्य रख, डी.ए.वी. सी.एम.सी., नई दिल्ली के प्रधान पद्मभूषण पूनम सूरी जी के आह्यन को आत्मसात करते हुए हम सभी योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लें। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित योगाभ्यास को अपनी दिनचयां का अभिन अंग बनाने के लिए प्रेरित किया। योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा के समन्वय का श्रेष्ठ मार्ग है। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग को अपनाकर हम स्वस्थ, सकारात्मक एवं संतुलित जीवन की ओर अग्रसर हो सकते हैं। उनके द्वारा गणमान्य सदस्यों का ग्रीन प्लांटर भी कर अभिनंदन किया गया उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन हेतु समग्र प्रभारी डॉ. ज्योति गोगिया एवं सह-प्रभारी श्रीमती कुलजीत कौर को हार्दिक बधाई दी। आर्य प्रतिनिधि उपसभा, के प्रधान डॉ. जे.पी. शूर ने अपने संदेश में कहा कि योग भारतीय संस्कृक्ति एवं वैदिक परंपरा की अमूल्य धरोहर है, जिसे आज सम्पूर्ण विश्व ने अपनाया है। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के समन्वय का विज्ञान है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन एवं सकारात्मक ऊर्जा भी प्राप्त करता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे योग को अपनी जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाकर स्वस्थ, जागरूक एवं सशक्त समाज के निर्माण में योगदान दें।

उन्होंने सबको शपथ ग्रहण कर योग को अपनी जीवनशैली में अपनाने हेतु प्रेरित भी किया इस अवसर पर महाविद्यालय के खेल विभाग की छात्राओं ने जिम्नास्टिक के माध्यम से विभित्र योग मुद्राओं एवं आसनों का आकर्षक प्रदर्शन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उपस्थित जनों को योग के प्रति प्रेरित एवं जागरूक किया। कार्यक्रम में एन.एस.एस., एन.सी.सी., स्टूडेंट्स काउंसिल एवं खेल विभाग के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। महाविद्यालय एवं विद्यालय की फैकल्टी, गैर-शिक्षण कर्मचारियों तथा आर्य प्रतिनिधि उपसभा के पदाधिकारियों की सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को और अधिक सफल बनाया। कार्यक्रम में बोधिसत्व अंबेडकर विद्यालय तथा सेंट सोल्जर लॉ कॉलेज एन.सी.सी. कैडेट्स ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग सत्र में महाविद्यालय एवं विद्यालय की फैकल्टी, गैर-शिक्षण कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही। इस अवसर पर सेवानिवृत्त शिक्षिकाओं श्रीमती सुदेश सूरी, श्रीमती छिब्बड़ एवं डॉ. वीना अरोड़ा ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज करवाई। साथ ही एचएमवी एलुमनी वेलफेयर एसोसिएशन की सदस्य श्रीमती सरोजिनी गौतम शारदा (आईएएस), श्रीमती सरला भारद्वाज वं सुश्री रमनदीप ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिवद्धता व्यक्त की। सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों ने योग को स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवन का आधार बताते हुए इसे अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया। अंत में सभी प्रतिभागियों ने यह संकल्प लिया कि वे नियमित रूप से योगाभ्यास करेंगे तथा अपने परिवार, मित्रों एवं समाज के अन्य लोगों को भी योग अपनाकर स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने के लिए प्रेरित करेंगे।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button