
जालंधर, 18 अप्रैल (कबीर सौंधी) : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से लोकसभा सांसद Charanjit Singh Channi के खिलाफ गोवा स्थित पंजाब सरकार की प्राइम प्रॉपर्टी की लीज में कथित अनियमितताओं को लेकर कार्रवाई तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (VB) ने राज्य सरकार से दोबारा अनुमति मांगी है ताकि इस मामले में औपचारिक जांच शुरू की जा सके।
यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17A के तहत की गई है, जिसके अनुसार किसी भी लोकसेवक द्वारा अपने आधिकारिक कार्यकाल में लिए गए फैसलों की जांच से पहले संबंधित सरकार की पूर्व अनुमति आवश्यक होती है।
क्या है पूरा मामला?
मामला चन्नी के मुख्यमंत्री कार्यकाल (सितंबर 2021 से मार्च 2022) के दौरान गोवा में पंजाब पर्यटन विभाग की लगभग 8 एकड़ समुद्र-तटीय जमीन को लीज पर देने से जुड़ा है। आरोप है कि यह प्रॉपर्टी एक निजी होटल कारोबारी को बाजार दर से बेहद कम – करीब ₹1 लाख प्रतिमाह-पर लीज पर दी गई। विजिलेंस अधिकारियों का दावा है कि जमीन की कीमत करोड़ों में है और लीज प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ।
आरोप यह भी है कि तीन पर्यटन-संबंधित संस्थाओं की हिस्सेदारी वाली इस संपत्ति को दो निजी कंपनियों की सहमति के बिना लीज पर दे दिया गया।
पहले भी उठ चुका है मुद्दा
28 जून 2023 को पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने विधानसभा में कहा था कि यह लीज “कौड़ियों के भाव” पर दी गई थी। इसके बाद लीज रद्द कर विजिलेंस जांच के आदेश दिए गए थे।
अक्टूबर 2023 में भी विजिलेंस ने जांच की अनुमति मांगी थी, लेकिन फाइल आगे नहीं बढ़ी। अब ताजा सिरे से मंजूरी लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है और फाइल संसदीय कार्य विभाग को भेजी गई है।
चन्नी का जवाबः “राजनीतिक बदले की कार्रवाई”
चन्नी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। उनका कहना है:
“जब फाइल प्रशासनिक सचिव के जरिए मंत्री तक जाती है, तो प्रक्रियागत जिम्मेदारी अधिकारियों की होती है।” “सरकार ने खुद लीज रद्द कर दी और होटल कारोबारी को कब्जा नहीं दिया गया, तो नुकसान कहां हुआ?”
मेरी लोकप्रियता से घबराकर झूठा केस दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
अब सबकी नजर राज्य सरकार की मंजूरी पर टिकी है। यदि अनुमति मिलती है तो विजिलेंस ब्यूरो इस मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर सकता है। यह मामला आने वाले समय में पंजाब की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है, खासकर तब जब चन्नी राज्य में कांग्रेस का प्रमुख दलित चेहरा माने जाते हैं।













