
जालंधर, 31 दिसंबर (धर्मेंद्र सौंधी) : हंसराज महिला महाविद्यालय, जालंधर में प्राचार्या डॉ. एकता खोसला के मार्गदर्शन, सतत सहयोग एवं दूरदर्शी नेतृत्व अधीन एनएसएस कैंप का सातवाँ दिन एवं अंतिम दिवस चिंतन, उत्साह उपलब्धियों तथा आभार भाव सहित सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ समापन समारोह में प्राचार्या प्रो. डॉ. एकता खोसला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर डॉ. नवरूप (डीन यूथ वेलफेयर), श्रीमती कुलजीत कौर (एसोसिएट प्रोफेसर, पीजी विभाग पंजाबी) सहित अन्य सम्मानित प्राध्यापक एवं विशिष्ठ अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ डीएवी गान के साथ हुआ, जिसके उपरांत मुख्य अतिथि तथा गणमान्य सदस्यों का औपचारिक स्वागत किया गया।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में प्राचार्या डॉ. खोसला ने सम्पूर्ण एनएसएस इकाई को उत्कृष्ट अनुशासन, समर्पण और प्रशंसनीय कार्य हतु बधाई दी। उन्होंने धैर्य, संवेदनशीलता, उत्तरदायित्व एवं सेवा भाव के लिए वोलेंटियर्स की सराहना की। एक प्रोत्साहनवर्धक कथा के माध्यम से उन्होंने टीमवर्क, सहयोग, सहानुभूति और सामूहिक प्रगति का महत्व समझाते हुए संदेश दिया कि वास्तविक सफलता एक-दूसर को आगे बढ़ाने में निहित होती है। उन्होंने वालंटियर्स को जीवन में आत्मविश्वास, धैर्य और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी तथा शिविर में आयोजित सभी गतिविधियों की हार्दिक प्रशंसा की।

डॉ. नवरूप ने अपने संबोधन में आयोजक टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए छात्राओं को भविष्य में भी एनएसएस के मूल्यों पर दृढ़ रहने का संदेश दिया। इसके बाद एनएसएस इंचार्ज एवं कार्यक्रम संयोजिका सुश्री हरमनु ने सात दिवसीय कैम्प की संपूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें शैक्षिक, सामाजिक, पर्यावरणीय, सांस्कतिक तथा सामुदायिक गतिविधियों का विस्तृत विवरण सम्मिलित था। उन्होंने समर्पण, अनुशासन, टीम भावना एवं अथक प्रयासों के लिए सभी वोलेंटियंस के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि योजनाएँ शिक्षक बनाते हैं, परंतु उन्हें सफलतापूर्वक कार्यरूप देने का कार्य विद्यार्थी करते हैं, और इस शिविर में वालंटियर्स ने इसे सिद्ध कर दिखाया। वालंटियर्स आशना, कशिश, प्रांजली और ख्याति ने कैम्प से मिली सीख, व्यक्तिगत विकास एवं प्रभावशाली अनुभव सभी के साथ साझा किए, जिसने ‘सेवा के माध्यम से सीख’ की वास्तविक भावना को प्रतिध्वनित किया।
इस अवसर पर कैम्प के प्रथम छह दिनों की प्रमुख गतिविधियों को दर्शाता एक विशेष वीडियो भी प्रदर्शित किया गया। तत्पश्चात पुरस्कार वितरण समारोह में निबंध, भाषण, कविता, पोस्टर निर्माण एवं अन्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। आशीना को सर्वश्रेष्ठ वोलेंटियर (Best Camper) चुना गया। सभी वालंटियर्स को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस वालंटियर मुस्कान प्रीत ने आत्मविश्वास एवं गरिमापूर्ण ढंग से किया।
डॉ. दीप्ति धीर ने आभार प्रस्ताव रखत हुए प्राचार्या, एनएसएस संयोजक, कार्यक्रम अधिकारियों, प्राध्यापकगण, वोलेंटियंस एवं सभी सहयोगकर्ताओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर श्रीमती सतिंदर कौर, श्री नीरज अग्रवाल, डॉ. बलजिंदर सिंह, डॉ. शैलेंद्र, श्रीमती सुखविंदर कौर, श्री आशीष, सुश्री वंदना गुप्ता, सुश्री प्रोतिमा सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। समापन दिवस ने युवा मंथन की भावना को सार्थक करते हुए सेवा, शिक्षा, नेतृत्व एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का अमिट संदेश देकर वालंटियर्स को प्ररणा से ओतप्रोत किया।














