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जालंधर के 4 प्रमुख डॉक्टरों और चार्टर्ड अकाउंटेंट के खिलाफ कोर्ट द्वारा आपराधिक मामला दर्ज करने के आदेश

जालंधर, 23 दिसंबर (कबीर सौंधी) : जालंधर से इस समय की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अदालत ने एक अहम फैसला सुनाते हुए शहर के चार प्रमुख डॉक्टरों और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं। जानकारी के मुताबिक जालंधर में यह आदेश डॉ. पंकज त्रिवेदी बनाम स्टेट से जुड़े एक मामले में सुनाया गया है, जिसने चिकित्सा जगत और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। जिससे शहर के प्रमुख चार डाक्टरों के खिलाफ कभी भी एफआईआर दर्ज हो सकती है अदालत के आदेश के अनुसार, डॉ. कपिल गुप्ता, डॉ. राजेश अग्रवाल, डॉ. संजय मित्तल, डॉ. अनवर इब्राहिम और चार्टर्ड अकाउंटेंट संदीप कुमार सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी। अदालत ने थाना नवी बारादरी, जालंधर के एस.एच.ओ. को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वह बिना देरी के इन सभी के खिलाफ मामला दर्ज करें और पूरे प्रकरण की उच्च स्तर पर जांच सुनिश्चित करें।

अदालत द्वारा जारी आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया जाए। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, कीमती दस्तावेज की जालसाजी, धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी, जाली दस्तावेज को असली के रूप में उपयोग करना और दस्तावेजों में हेराफेरी के आरोप शामिल हैं। इन धाराओं को गंभीर अपराधों की श्रेणी में माना जाता है और इनमें सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

यह पूरा मामला डॉ. पंकज त्रिवेदी द्वारा दायर याचिका से जुड़ा हुआ है। डॉ. पंकज त्रिवेदी की ओर से अदालत में एडवोकेट मनित मल्होत्रा पेश हुए। उन्होंने अदालत के समक्ष विस्तृत दलीलें रखते हुए कहा कि संबंधित डॉक्टरों और चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा कथित तौर पर धोखाधड़ी और जालसाजी की गई है। वकील ने अदालत से मांग की कि इस मामले में FIR दर्ज करने के आदेश दिए जाएं ताकि निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच हो सके। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए FIR दर्ज करने के निर्देश जारी किए। अदालत का मानना था कि प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और उनकी जांच पुलिस स्तर पर होना आवश्यक है। अदालत ने न केवल FIR दर्ज करने का आदेश दिया, बल्कि यह भी कहा कि मामले की जांच उच्च स्तर पर की जाए।

इसका अर्थ है कि जांच प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या पक्षपात न हो। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के दौरान यदि और तथ्य सामने आते हैं तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाए। अब सभी की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। थाना नवी बारादरी के एस.एच.ओ. को अदालत के आदेश के अनुसार जल्द से जल्द FIR दर्ज करनी होगी और जांच शुरू करनी होगी। वहीं, इस मामले में आगे की सुनवाई और जांच रिपोर्ट के आधार पर आने वाले समय में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल, अदालत का यह फैसला जालंधर में कानून-व्यवस्था और जवाबदेही के लिहाज से एक अहम कदम माना जा रहा है।

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