
कोर कमेटी ने झूंदा पैनल की रिपोर्ट स्वीकार कीः पार्टी अध्यक्ष को जरूरी फॉलो अप का अधिकार दिया
सरदार सुखबीर सिंह बादल सिख बुद्धिजीवियों, पेशेवरों से जानकारी लेंगें
अकाली दल ने एमएसपी पर गठित कमेटी को खारिज किया
शहीद ए आजम सरदार भगत सिंह पर सिमरनजीत सिंह मान द्वारा की‘‘ अभद्र टिप्पणी’ की कड़ी निंदा की
चंडीगढ़/27जुलाई (ब्यूरो) : शिरोमणी अकाली दल की कोर कमेटी ने आज पार्टी अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल को चुनाव प्रदर्शन समीक्षा कमेटी (झूंदा कमेटी) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट की सिफारिशों के कार्यान्वयन के लिए आवश्यक अनुवर्ती कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह से अधिकृत किया, जिसे सरदार बादल द्वारा फरवरी 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन के कारणों की जांच करने के लिए गठित किया गया था।
सरदार बादल की अध्यक्षता वाली कोर कमेटी ने समीक्षा पैनल की रिपोर्ट का ‘‘ समर्थन, सराहना और स्वीकार’’ किया और कमेटी के सदस्यों ने ‘‘ पार्टी कार्यकर्ताओं और बड़े पैमाने पर लोगों से पूरी तरह से पूर्ण और ईमानदार प्रतिक्रिया ’’ के लिए आभार व्यक्त किया।
सरदार बादल को रिपोर्ट की सिफारिशों के अनुरूप पार्टी ढ़ांचे के पुनर्गठन का भी पूरा अधिकार दिया गया है।
मीटिंग के बाद पत्रकारेां को जानकारी देते हुए पार्टी जनरल सचिव सरदार बलविंदर सिंह भूंदड़ ने कहा कि चुनाव समीक्षा कमेटी की रिपोर्ट में पार्टी की ताकत और कमजोरियों और अतीत में पार्टी की उपलब्धियों और कमियों के साथ साथ आने वाले दिनों में चुनौतियों और अवसरों दोनों को उजागर किया गया। स. भूंदड़ ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष ने ‘‘ पार्टी के प्रदर्शन का पूरी ईमानदारी के साथ मूल्यांकन करने के लिए कमेटी का गठन किया था, जिनके कारण चुनावों में संतोषजनक प्रदर्शन नही हुआ था।
सरदार बादल को पार्टी के कामकाज को व्यवस्थित करने और पार्टी के सार्वजनिक प्रोफाइल को नवीनीकृत करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए अधिकृत किया गया है, जिसमें सिख बुद्धिजीवियों , धार्मिक और राजनीतिक विचारकों , शिक्षकों , छात्रों, किसानों , व्यापारियों, कर्मचारियों , सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ साथ प्रवासी भारतीयों सहित समाज के सभी वर्गों के प्रतिष्ठित पंजाबियों के साथ विचार विमर्श करना शामिल है। सरदार बादल द्वारा पार्टी की विभिन्न इकाइयों से जानकारी लेने की उम्मीद है। जिसमें कार्यसमिति, जिला और सर्कल जत्थेदार , एसजीपीसी के सदस्य और बुनियादी स्तर पर पार्टी कैडर शामिल है।
सरदार भूंदड़ के साथ कमेटी के अन्य सदस्यों के साथ साथ एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी, स. रंजीत सिंह ब्रहमपुरा ,चरनजीत सिंह अटवाल, बीबी जागीर कौर, स. महेशइंदर सिंह ग्रेवाल, डॉ. दलजीत सिंह चीमा, हीरा सिंह गाबड़िया, स. सिकंदर सिंह मलूका, स. शरनजीत सिंह ढ़िल्लों, स. जगमीत सिंह बराड़, स. बलदेव सिंह मान,स. इकबाल सिंह झूंदा, स. विरसा सिंह वल्टोहा हरचरण बैंस सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
इस बीच अकाली दल ने प्रमुख हितधारकों, किसानों और पंजाब के प्रतिनिधियों को शामिल किए बिना केंद्र सरकार द्वारा गठित एमएसपी कमेटी को खारिज कर दिया ।
कोर कमेटी ने शहीद ए आजम सरदार भगत सिंह के बारे में स. सिमरनजीत सिंह मान द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी की कड़ी निंदा की।
कोर कमेटी की मीटिंग में पारित एक प्रस्ताव में कहा गया कि पार्टी ,खालसा पंथ देश के गौरव शहीद ए आजम को सिख नायकों की महान पंक्ति में रखती है। पार्टी बब्बर अकाली लहर, नामधारी लहर, कामागाटा मारू , गदर लहर , कीर्ति लहर और अन्य आंदोलनों मे ंभाग लेने वाले अन्य शहीदों का ेसलाम करती है। अकाली दल महान पंथक नायकों और शहीदों की पार्टी है और चाबियां दा मोर्चा, जैतों, ननकाना साहिब मोर्चा, धर्मयुद्ध मोर्चा आदि जैसे मोर्चों की एक शानदार विरासत है और इसीलिए हमारे नायकों और शहीदों के असाधारण बहादुर और निस्वार्थ कार्यों पर गहरा गर्व करता है। उन्होने कहा कि स. मान की टिप्पणी को बीमार मानसिकता के लक्षण के रूप में और देश की स्वतंत्रता में पंजाबियां और सिखों के योगदान को कमजोर करने के प्रयास के रूप में मानता है ।
पार्टी ने विभिन्न घटनाओं की कड़ी निंदा की, जिनमें ‘‘ कड़ा’’ (स्टील ब्रेसलेट) सहित धार्मिक ‘‘ककारों’’ पर प्रतिबंध लगाकर सिखों की भावनाओं को गंभीर रूप से आहत किया गया है।
इससे पहले कोर कमेटी ने किसानों को बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान के लिए तत्काल गिरदावरी करने और मुआवजे की मांग की है। पार्टी ने राजपुरा तहसील में सूरजमुखी और मुक्तसर जिले में मूंग को भारी नुकसान पहुंचाने वाले नकली बीजों की स्वतंत्र जांच की भी मांग की।
पार्टी ने श्रीमती द्रोपदी मुर्मू के भारत की राष्ट्रपति बनने पर उन्हे बधाई और शुभकामनाएं दी ।
इससे पहले सदस्यों ने मूल मंत्र का पाठ किया और अकाली दल के दिवंगत नेता , कोर कमेटी के सदस्य और पंजाब विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स. निर्मल सिंह काहलों के सम्मान में दो मिन्ट का मौन रखा।
























