कांग्रेसियों ने आप के साथ मिलकर हरवा दिया अपना ही वार्ड उम्मीदवार
वार्ड 69 जैसा हुआ हाल तो 2027 में बावा हैनरी के लिए होगी मुश्किल खड़ी

जालंधर (धर्मेंद्र सौंधी) : सियासत का एक नियम होता है कि इसमें कोई नियम नहीं होता इसलिए कब इसमें वफादारियां, यारियां आपके लिए दुश्वारियां बन जाएं कुछ नहीं कहा जा सकता। बेशक कांग्रेस 2027 विधानसभा चुनाव में जीत को लेकर आशान्वित है लेकिन जालंधर नार्थ के ऐसे कई वार्ड हैं जिनमें कांग्रेसी विरोधियों की अधिक अपनों की कम मदद करते दिखते है। सूत्रों के मुताबिक वार्ड 69 की सियासत एक पार्टी के अलग-अलग गुटों में बंटकर अपनी ही पार्टी कांग्रेस को नुकसान पहुंचा रही है। सूत्रों के मुताबिक जैसे कि निगम चुनाव में नजर आया कि कुछ कांग्रेसियों ने कथित रूप से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी की मदद की ताकि वो जीत सके और अपनी ही पार्टी का कांग्रेस प्रत्याशी हार सके। अब इसे आप अनुशासनहीनता कहें या भीतरघात ऐसे कांग्रेसियों पर पूर्व मंत्री अवतार हैनरी को कार्रवाई तो करनी चाहिए क्योंकि वे अनुशासनात्मक कमेटी के चेयरमैन हैं। कांग्रेस के कई वफादारों का कहना है कि हाल ही में अवतार हैनरी ने बठिंडा में कुछ पार्षदों पर अनुशासन का डंडा चलाया था। अगर अवतार हैनरी ने अब ऐसे वार्डों में दगाबाज कांग्रेसियों पर सख्ती नहीं बरती तो 2027 में विधायक बावा हैनरी को नार्थ विधानसभा हलके में चुनाव के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

दरअसल यहां कांग्रेस में गुटबाजी जगजाहिर है लेकिन टकसाली कांग्रेसियों के अलग हो जाने से कांग्रेस को यहां नुकसान हो रहा है जैसे कि बब्बू सिडाना गुट 2022 लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस से अलग हो गया। धीरे-धीरे सिडाना के साथ कई कांग्रेसियों ने अलग राह पकड़ ली। बब्बू सिडाना ने यहां से निगम चुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ा। हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा लेकिन जब आपके दो विरोधी अंदरखाते एक साथ हो जाएं तो फिर हार तो तय है ही। अगर वार्ड के सियासी समीकरणों को ही आप विधानसभा चुनाव के समीकरणों से मिलाएं तो बावा हैनरी को इस स्थिति पर चिंता करने की आवश्यकता है। बाकी हमने पहले ही कहा है सियासत का एक नियम होता है कि इसमें कोई नियम नहीं होता। वहीं इस संबंध में वार्ड 69 के संबंधित आप नेता से बात करने की कोशिश की गई तो संपर्क नहीं हो पाया।
मेरे पास शिकायत आएगी तो कार्रवाई की जाएगी: अवतार हैनरी
अगर किसी कांग्रेसी द्वारा चुनाव में अन्य दल के प्रत्याशी संबंधी कोई शिकायत आती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। पहले शिकायत प्रदेश प्रधान के पास जाएगी वहां से निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है। अगर जांच के दौरान शिकायत सही पाई जाती है तो कार्रवाई होना तय है।

गाजी गुल्ला व इस वार्ड में नए जुड़े एरिया के पास वाले कांग्रेसियों ने की होगी मदद : बब्बू सिडाना
वार्ड 69 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके बब्बू सिडाना ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि कांग्रेसियों ने आप प्रत्याशी की मदद की हो क्योंकि चुनाव के दौरान गाजी गुल्ला के एरिया में रहने वाले कुछ कांग्रेसियों द्वारा आप प्रत्याशी की मदद करने की सूचना मेरे पास भी आई थी। जब की इस वार्ड में पहले कांग्रेस का ही पार्षद था।
कई कांग्रेस नेता निकले रमन अरोड़ा के करीबी
ये तो सबको पता है कि आप विधायक रमन अरोड़ा इस समय विजिलेंस की गिरफ्त में हैं। कई मीडिया रिपोट्र्स में दावा किया जा रहा है कि कई पूर्व कांग्रेसी नेताओं ने रमन अरोड़ा के करीब आकर उन्हें मुनाफा कमाने का मौका दिया। यानि कई कांग्रेसी आम आदमी पार्टी नेताओं के करीब आ चुके हैं।
























