
जालंधर, 02 सितंबर (धर्मेन्द्र सौंधी) : ए.पी.जे. कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स, जालंधर में श्री आशीष रे, पहले दक्षिण एशिया ब्यूरो प्रमुख और वरिष्ठ पत्रकार ने कॉलेज के नवोदित कलाकारों के साथ बातचीत की और क्लासिक कार्यों को लिखने की युक्तियों और रणनीतियों को साझा किया। छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एक अच्छा पत्रकार भेदभाव मुक्त, अपने विचारों के बारे में स्पष्ट और बोधगम्य, अपने विषय के बारे में पूरी तरह से जागरूक, भाषा पर मजबूत पकड़ रखता है और उसे पीत पत्रकारिता का अभ्यास करने से बचना चाहिए।
श्री आशीष रे ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि विशेष रूप से प्रसिद्ध व्यक्तियों की जीवनी लिखते समय उचित शोध किया जाना चाहिए और इस तरह के लेखन में किसी भी काल्पनिक विवरण का कोई स्थान नहीं है। साथ ही, लेखन के क्षेत्र में व्यक्ति काम की मात्रा के कारण नहीं बल्कि उसकी गुणवत्ता के कारण प्रसिद्ध होता है। इस मौके पर सुखमन सिंह, जैस्मीन, सचिन शर्मा, सिमरन बावा और भाविनी के छात्र-छात्राओं ने कई सवाल पूछे और अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया।
प्राचार्य डॉ. नीरजा ढींगरा ने कॉलेज में उपस्थित होने और छात्रों के साथ बातचीत करने के लिए श्री रे के प्रति अपनी हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब छात्र विशेषज्ञों के साथ बातचीत करते हैं, तो वे अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाते हैं और अपने करियर में खुद को सफलतापूर्वक स्थापित करते हैं। साथ ही, एसीएफए हमेशा यह सुनिश्चित करता है कि उसके छात्रों को तलाशने के अवसर प्रदान किए जाएं और यह केवल कक्षाओं में सैद्धांतिक पाठों तक ही सीमित नहीं है।
























