ताज़ा खबरपंजाब

HMV में रिबूटिंग प्रोग्राम नव सृजना सम्मान समारोह-2025 का भव्यात्मक आयोजन

जालंधर, 18 फरवरी (धर्मेंद्र सौंधी) : हंसराज महिला महाविद्यालय जालंधर में प्राचार्या प्रो. डॉ. (श्रीमती) अजय सरीन के योग्यात्मक दिशा-निर्देशन में पी.जी. पंजाबी विभाग व पंजाब कला परिषद चंडीगढ़ के सहयोग से महिंदर सिंह रंधावा, सुरजीत पातर एवं मातृभाषा को समर्पित महाउत्सव, सम्मान समारोह (पंजाब गौर एवं मातृ भाषा सम्मान-2025) का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया।

इस अवसर पर मुख्यातिथि के रूप में डिप्टी कमिश्नर जालंधर श्री हिमांशु अग्रवाल व विशिष्ट अतिथि के रूप में पदमश्री डॉ. सुरजीत पातर जी की धर्मपत्नी श्रीमती भुपिन्दर पातर जी ने समारोह को शोभायमान किया। उनके साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप में चेयरमैन लोकल एडवाइजरी कमेटी जस्टिस (रिटा.) श्री एन.के. सूद मौजूद रहे। उनके साथ ही श्री अमरजीत ग्रेवाल, चेयरमैन पंजाब कला परिषद श्री स्वर्ण सिंह सवी, श्री अश्विनी, श्री योगराज अंगरीश भी उपस्थित रहे। समस्त कार्यक्रम का आयोजन कोआर्डिनेटर डॉ. नवरूप कौर के संरक्षण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञानात्मक ज्योति प्रज्वलन कर डीएवी गान से किया गया। इस उपरांत कालेज परंपरानुसार प्राचार्या डॉ. अजय सरीन द्वारा गणमान्य सदस्यों का ग्रीन प्लांटर, ओऽम पताका, फाइन आर्ट्स विभाग की ओर से पेंटिंग व फुलकारी भेंट कर हार्दिक अभिनंदन किया गया।

प्राचार्या डॉ. अजय सरीन ने अपने वक्तव्त का शुभारंभ पदमश्री डॉ. सुरजीत पातर जी को नमन करते हुए किया एवं कहा कि सुरजीत पातर जी जैसा व्यक्तित्व इस संसार में सदैव चिरंजीवी रहेगा। उन्होंने समाज को नई सोच व नई दिशा प्रदान की। उन्होंने इस उपरांत संस्था के गौरवान्वित इतिहास व उपलब्धियों से सभी को रूबरू करवाया। उन्होंने बताया कि संस्था प्रशासनिक, खेल व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सदैव अग्रणीय रही है। आर्य समाज के अग्रदूतों ने जिस नव सोच के साथ इस कालेज की स्थापना की, वह वास्तव में फलीभूत हुई है।

उन्होंने आगामी समय में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन का आश्वासन देते हुए कार्यक्रम कोआर्डिनेटर व पंजाबी विभागाध्यक्ष डॉ. नवरूप कौर को बधाई दी एवं शुभाशीष दिया कि यह दो दिवसीय सैमिनार चिरस्मरणीय बने। इस उपरांत चेयरमैन पंजाब कला परिषद चंडीगढ़ श्री स्वर्णजीत सिंह सवी ने अपने संभाषण में रिबूटिंग पंजाब, नव सृजना की संक्षिप्त जानकारी देते हुए कहा कि आज का यह समारोह वास्तव में पातर जी के स्वप्न का साकार रूप है। अमरजीत सिंह ग्रेवाल ने पंजाव नव सृजना के बारे में विस्तृत बातचीत करते हुए कहा कि आज एचएमवी के प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम के कारण यह संस्था पंजाब के ननिर्माण का आधार बनेगी।

जस्टिस (रिटा.) श्री एन. के. सूद ने अपने वक्तव्य में गणमान्य सदस्यों का अभिनंदन करते हुए छात्राओं को पंजाबी साहित्य, पंजाबी भाषा के प्रति आदर व सम्मान रखने हेतु प्रेरित किया। श्रीमती भुपिंदर पातर ने इस भावपूर्ण समय में सुरजीत पातर के प्रति समर्पित उनके अंतिम दिनों की एक कविता प्रस्तुत कर अपनी श्रद्धांजलि दी एवं संस्था के प्रति आभार व्यक्त किया।

डिप्टी कमिश्नर जालंधर श्री हिमांशु अग्रवाल ने अपने वक्तव्य में गणमान्य सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया एवं कहा कि आज का समागम वास्तव में प्रशंसनीय है। उन्होंने इस समागम का हिस्सा बन स्वयं में मान महसूस किया एवं कहा कि यह वास्तव में ऐतिहासिक, भावनात्मक क्षण है। सम्मानित सदस्यों को सम्मानित कर उन्होंने मान महसूस किया एवं कहा कि श्री सुरजीत पातर युगों-युगों तक हमारे भीतर विद्यमान रहेंगे। इस अवसर पर अवार्ड समारोह में श्री मनमोहन सिंह (मन जी) को सिनेमा के क्षेत्र में पंजाब गौरव पुरस्कार, श्री सुभाष परिहार को ललित कलाओं के क्षेत्र में पंजाब गौरव पुरस्कार, भाई बलदीप सिंह को संगीत के क्षेत्र में, श्री मोहिंदर कुमार को रंगमंच क्षेत्र में, श्री जसवंत जफर को साहित्य क्षेत्र में, श्री वरिंदर वालिया को वार्तक एवं श्री जसबीर मंड को कहानी क्षेत्र में पंजाब मातृ भाषा अवार्ड से अलंकृत किया गया।

साँस्कृतिक कार्यक्रम में नवजोत कौर ने लोकगीत प्रस्तुत किया। डॉ. वीना अरोड़ा, डा. ज्योति गोगिया, डॉ. दीपाली के संरक्षण में तैयार स्किट उड़ान व श्रीमती पवन कुमारी, डॉ. संदीप के संरक्षण में तैयार गिद्दा पेश किया गया। श्रीमती अमनदीप कौर अधीन संगीत साज प्रस्तुत किया गया। मंच संचालन डॉ. अंजना भाटिया द्वारा किया गया। इस अवसर पर डिजाइन विभाग व फाईन आर्ट्स विभाग की ओर से डॉ. राखी मेहता, डॉ. नीरू भारती, डॉ. शैलेन्द्र कुमार के संरक्षण में आर्ट प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। समस्त कार्यक्रम के कोआर्डिनेटर डॉ. नवरूप कौर व को-कोआर्डिनेटर डॉ. संदीप कौर के संरक्षण में सम्पन्न हुआ। प्रबंधक कमेटी में विभागीय सदस्य श्रीमती कुलजीत कौर, डॉ. बोना अरोड़ा, श्रीमती सतिंदर कौर, डॉ मनदीप कौर, सिमरनजीत कौर, अमनदीप कौर उपस्थित रहे। द्वितीय स्तर में बंसरी नाल बहस कौन करे संवाद का आगाज डॉ. जमीरपाल कौर, सेंट्रल यूनिवर्सिटी बठिंडा द्वारा किया गया एवं अनुजोत कौर द्वारा डॉ. सुरजीत पातर की शायरी का गायन किया गया। मंच संचालन श्रीमती कुलजीत कौर ने किया।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button