
अमृतसर 24 मई (साहिल गुप्ता) : पंजाब के अमृतसर से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद घटना सामने आई है। रविवार (24 मई, 2026) की सुबह ड्यूटी पर जा रहे पंजाब पुलिस के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) जोगा सिंह की अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। यह घटना अमृतसर ग्रामीण के मजीठा थाना क्षेत्र के अंतर्गत फतेहगढ़ चूड़ियां-मजीठा रोड पर हुई।
घटना का पूरा विवरण
पीड़ित की पहचान: जोगा सिंह, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI), पंजाब पुलिस।
समय और स्थान: रविवार सुबह, फतेहगढ़ चूड़ियां-मजीठा मार्ग।
वारदात का तरीका: एएसआई जोगा सिंह सुबह अपनी स्कूटी पर सवार होकर घर से ड्यूटी के लिए निकले थे। रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे संदिग्ध हमलावरों ने उन्हें रोका और बिना किसी बहस या बातचीत के उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
परिणाम: गोलियां लगते ही जोगा सिंह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस और एम्बुलेंस को सूचित किया गया। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस की कार्रवाई और जांच के प्रमुख बिंदु
घटना की सूचना मिलते ही अमृतसर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सोहेल मीर कासिम और मजीठा थाने के एसएचओ (SHO) भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस इस हत्याकांड को बेहद सुनियोजित मानकर चल रही है और निम्नलिखित पहलुओं पर जांच केंद्रित कर रही है:
फॉरेंसिक और तकनीकी जांच: फॉरेंसिक एक्सपर्ट और तकनीकी टीमों ने घटनास्थल (Crime Scene) से जरूरी वैज्ञानिक साक्ष्य और सुराग जुटाए हैं।
सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की जांच: वारदात के रास्ते और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके और उनके भागने के रूट का पता लगाया जा सके।
बहुआयामी जांच (Multiple Angles): व्यक्तिगत रंजिश (Personal Enmity): पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या जोगा सिंह की किसी के साथ कोई पुरानी निजी या पारिवारिक दुश्मनी थी।
रोड रेज (Road Rage): क्या रास्ते में किसी वाहन चालक के साथ अचानक हुए विवाद के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया।
ड्यूटी से जुड़े मामले: क्या किसी मामले की तफ्तीश या कार्रवाई के चलते वह अपराधियों के निशाने पर थे।
राजनीतिक गर्माहट और कानून व्यवस्था पर सवाल
इस वारदात के बाद पंजाब की कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है।
विपक्ष का हमला: शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान (जिनके पास गृह विभाग भी है) पर तीखा हमला बोला है।
मजीठिया का बयान: उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर लिखा कि “भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे इतने संवेदनशील राज्य में अब खुद वर्दी और पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं हैं।” उन्होंने पुलिस-नेताओं के कथित गठजोड़ का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री, कार्यवाहक डीजीपी, डीएसपी मजीठा और एसएचओ मजीठा से इस्तीफे की मांग की है।
कानून-व्यवस्था की स्थिति और सुरक्षा चिंताएं
अमृतसर और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इस घटना ने स्थानीय निवासियों और पुलिस विभाग के भीतर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
यह रिपोर्ट शुरुआती जांच और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। पुलिस की तफ्तीश जारी रहने के साथ नए तथ्य सामने आ सकते हैं।














