
चंडीगढ़ 24 अप्रैल (ब्यूरो) : आम आदमी पार्टी (AAP) के दिग्गज नेता राघव चड्ढा समेत सात राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के ऐलान के बाद पंजाब की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस बड़ी टूट के बीच विदेश दौरे से वापस लौटे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी और बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला है। सीएम मान ने बीजेपी पर केंद्रीय जांच एजेंसियों (ED-CBI) का दुरुपयोग कर आम आदमी पार्टी के नेताओं को डराने-धमकाने और ‘ऑपरेशन लोटस’ के जरिए पंजाब सरकार को अस्थिर करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने सातों बागी सांसदों को पंजाबियों का गद्दार करार देते हुए कहा कि बीजेपी पंजाब में अपनी ‘वाशिंग मशीन’ चला रही है, लेकिन वह यहां कभी चुनाव नहीं जीत सकती।
संगठन से बड़ा कोई नहीं, इस्तेमाल कर फेंक देगी BJP
सांसदों के पाला बदलने पर भगवंत मान ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि पार्टी और संगठन हमेशा व्यक्ति से बड़ा होता है। पार्टी छोड़कर जाने वाले इन सात लोगों ने पंजाबियों के साथ खुली गद्दारी की है। सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि इन लोगों को घर बैठे-बैठे ही पद मिल गए थे, इन्हें कभी जनता के बीच जाकर अपने लिए वोट तक नहीं मांगना पड़ा। मान ने कहा कि आज ये अपनी राजनीति चमकाने के लिए नहीं, बल्कि केंद्रीय एजेंसियों के डर से अपनी जान बचाने के लिए बीजेपी की शरण में गए हैं। मान ने चेतावनी देते हुए कहा कि बीजेपी में इनका कुछ नहीं होने वाला, वहां भी इन्हें सिर्फ इस्तेमाल करके किनारे कर दिया जाएगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जाकर देख लीजिए, आज कैप्टन अमरिंदर सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया का बीजेपी में क्या हाल है, वहां उनकी कोई बात तक नहीं सुनता।
AAP सरकार के कामों और सर्वे से डरी हुई है भाजपा
मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर सीधा वार करते हुए कहा कि इनकी पंजाबियों के साथ बिल्कुल नहीं बनती। किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए मान ने कहा कि बीजेपी ने तब भी गद्दारी की थी। आज वे हमारे सांसदों को तोड़ रहे हैं क्योंकि पंजाब में बीजेपी का अपना कोई जनाधार और कोई मजबूत चेहरा नहीं है। सीएम मान ने दावा किया कि भाजपा हमारी सरकार के शानदार कामों से पूरी तरह डरी हुई है। उन्होंने जरूर कोई अंदरूनी सर्वे करवाया होगा, जिसमें उन्हें पंजाब में अपनी हालत बेहद खस्ता नजर आई होगी। अपनी इसी बौखलाहट और भगवंत मान के विकल्प की कमी के चलते आम आदमी पार्टी को तोड़ने की यह साजिश रची गई है। उन्होंने साफ कहा कि पंजाबी दिल से प्यार करना जानते हैं, लेकिन धोखा देने वालों को पीढ़ियों तक माफ नहीं करते।
अब कैसे आंखें मिलाएंगे रवनीत बिट्टू और राघव चड्ढा?
भगवंत मान ने इस बगावत की सख्त शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को शायद यह बात बिल्कुल पच नहीं रही होगी कि पंजाब में भगवंत मान का कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने बीजेपी के इन नए राजनीतिक समीकरणों पर चुटकी लेते हुए कहा कि रवनीत सिंह बिट्टू तीन-चार दिन पहले तक राघव चड्ढा को सरेआम गालियां निकाल रहे थे, अब देखना यह दिलचस्प होगा कि एक ही पार्टी में जाने के बाद वे दोनों एक-दूसरे से कैसे मिलेंगे और कैसे आंखें मिलाएंगे।













