
जालंधर 25 नवंबर (धर्मेन्द्र सौंधी) : हंसराज महिला महाविद्यालय की टीचिंग, नॉन टीचिंग सदस्यों तथा छात्राओं ने प्राचार्या प्रो. डॉ. (श्रीमती) एकता खोसला जी के कुशल दिशा-निर्देशन में आर्य समाज विक्रमपुरा के ‘140वें वार्षिकोत्सव’ के विशेष आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लिया जिसमें यजमान के रूप में डॉ. नवरूप कौर एवम् डॉ. मीनू तलवाड़ उपस्थित रहीं। आचार्य जय प्रकाश एवम् आचार्य हंसराज जी ने ‘यज्ञ’ सम्पन्न करवाया एवम् ‘चतुर्वेदशतकम्’ मंत्रों का पाठ किया।
आचार्य जय प्रकाश जी ने छात्राओं तथा उपस्थित आर्य बन्धुओं को वेदों के महत्व एवम् परमपिता परमात्मा को समर्पित होकर कार्य करने में ही कल्याण है विषय पर चर्चा की एवम् ऋग्वेद के मंत्र की विस्तृत व्याख्या की। भजन गायन श्री तेजस कुमार ने किया। ‘तेरे नाम का सिमरन करके मेरे मन में सुख भर आया’ भजन लहरी को सुनकर सबका हृदय आनन्दमय हो गया।

प्रत्येक छात्रा ने अपने जीवन में ‘वेदों का महत्व’ समझा और स्वयं ‘यज्ञ प्रक्रिया’ में भागीदारो कर प्रसन्नता का अनुभव किया। शान्ति-पाठ से ‘यज्ञ’ सम्पन्न हुआ एवम् कार्यक्रम के अंत में प्रातःराश का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर डॉ. नवरूप कौर, डॉ. सलोनी शर्मा, डॉ. उर्वशी, श्रीमती पवन कुमारी, डॉ. मीनू तलवाड़, श्रीमती सीमा. के. जोशी, श्री इन्द्रजीत तलवाड़, श्री रवीन्द्र कालिया तथा अन्य भी मौजूद रहे।
























