
जालंधर 20 नवंबर (धर्मेन्द्र सौंधी) : हंसराज महिला महाविद्यालय में प्राचार्या प्रो. डॉ. (श्रीमती) एकता खोसला जी के कुशल दिशा-निर्देशन में स्नातकोत्तर ‘भौतिक विज्ञान’ विभाग एवं चन्द्रयान विपनिट क्लब द्वारा महाविद्यालय की छात्राओं के लिए ‘रात्रि आकाश अवलोकन’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में ‘तारकीय प्रेक्षण’ एवम ‘खगोल विज्ञान’ के रहस्यों को प्रत्यक्ष अनुभव से देखना और सीखना था। सत्र के आरम्भ में डॉ. सलोनी शर्मा, विभागाध्यक्षा भौतिक विज्ञान ने सर्वप्रथम प्राचार्या जी का इस अवसर पर पहुँच कर छात्राओं को प्रोत्साहित करने हेतु स्वागत किया तथा छात्राओं के साथ ‘रात्रि आकाश अवलोकन’ की महत्ता एवम् खगोलीय पिण्डों की पहचान करने के बारे में उन्हें जानकारी प्रदान की। ‘चन्द्रयान विपनिट क्लब’ के अध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार द्वारा महाविद्यालय के लॉन में एक उच्च शक्ति ‘स्लेस्ट्रन दूरबीन’ यन्त्र 8SE जो 203 मिलीमीटर एपर्चर (छिद्र) 2032 मिमी., फोकल लंबाई 480x आवर्धन और 0.57 रिजॉल्युशन से लैस खूबियों के साथ छात्राओं के लिए इस भव्य दृश्य को अनुभव करने हेतु स्थापित करवाया गया।
इसका उद्देश्य यही था कि छात्राएं अधिक से अधिक सख्या में खगोल शास्त्र की स्टीक एवम् ज्ञानवर्धक जानकारियां प्राप्त कर सकें। इस शक्तिशाली उपकरण की सहायता से छात्राएं ‘शनि ग्रह’ तथा अन्य भव्य वलयों को देखकर रोमांचित और उत्साहित हो उठी, चांद के आधे से ज्यादा प्रकाशित अपने (वर्निंग गिब्स चरण में) 97.3% चमक ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। छात्राओं का दूरस्थ ‘यूरेनस’ का निरीक्षण भी रोमांचित करने वाला रहा। यह पूरा अनुभव छात्राओं के लिए अद्भुत उत्सुक्तापूर्ण एवम् ज्ञानावृद्धि तथा खोज से भरा रहा। इस कार्यक्रम को आयोजित करने में प्रो. सिम्मी गर्ग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्राचार्या प्रो. डॉ. (श्रीमती) एकता खोसला जी ने इस अवसर पर ‘भौतिक विज्ञान’ विभाग एवम् ‘चन्द्रयान विपनिट क्लब’ की इस कार्यक्रम के आयोजन हेतु सराहना की तथा कहा कि ऐसे निरन्तर प्रोत्साहन छात्राओ के बीच वैज्ञानिक जागरूकता और अनुभवी शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे विद्यार्थियों में विभिन्न विषयों को जानने की उत्सुकता बढ़ती है और उनके साथ परस्पर संवाद उनके नवीन दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है। प्राचार्या जो ने छात्राओं को इन विषयों पर गंभीर रूप से सोचने हेतु प्रेरित करना और ऐसी दिव्य घटनाओं की उनकी समझ को गहरा बनाने के लिए विभाग को निर्देश दिए और कहा कि भविष्य में भी पूर्ण उत्साह और जिज्ञासा के साथ ऐसी अद्भुत वैज्ञानिक घटनाओं की खोज जारी रखें। प्राचार्या जी ने कहा कि ब्रह्माण्ड की सुन्दरता का जो अनुभव आप सबने लिया, उसे अपने साथियों के साथ भी सांझा करें और साथ ही ऐसे सार्थक और प्रेरणादायक आयोजनों के लिए विभाग के सभी सदस्यों की भी सराहना की।
























