
जालंधर, 30 दिसंबर (धर्मेंद्र सौंधी) : एनएसएस कैंप के सातवें दिन की शुरुआत हंस राज महिला महाविद्यालय जालंधर के प्रांगण में डीएवी गान व एनएसएस गीत से हुई। प्राचार्या प्रो. डॉ. (श्रीमती) अजय सरीन ने एनएसएस शिविर के सफल समापन पर पूरी एनएसएस इकाई को बधाई दी। एनएसएस के स्वयंसेवकों ने पिछले दिनों की गई गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. वीना अरोड़ा ने एनएसएस स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि जब हम अपने जीवन में कुछ करने का संकल्प लेते हैं तो भगवान स्वयं हमारे कार्यों में शामिल हो जाते हैं और कार्य बिना किसी अव्यवस्था के पूरा हो जाता है। एनएसएस स्वयंसेवकों ने गाखल गांव में एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया और निवासियों को फसलों के अवशेषों को जलाने के परिणामों के बारे में जागरूक किया। स्वयंसेवकों ने “पराली जलाने को मना करें” का नारा लगाया और ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण के मुद्दों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
इसके बाद, एनएसएस स्वयंसेवकों ने आजादी का अमृत महोत्सव, वीडियो प्रस्तुति, नुक्कड़ नाटक-खुला आसमान, बेस्ट आउट ऑफ द वेस्ट, पोस्टर मेकिंग और पोएटिकल रिसीटेशन जैसी कई प्रतियोगिताओं का आयोजन करके अपनी निपुणता पर प्रकाश डाला, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के समग्र व्यक्तित्व का विकास करना था। . इन प्रतियोगिताओं में स्वयंसेवकों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ भाग लिया। श्रीमती रमनदीप कौर और डॉ. मीनू तलवार ने इन प्रतियोगिताओं के जज के रूप में काम किया। शिविर के अंतिम दिन पुरस्कार जीतने वाले स्वयंसेवकों ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन और कुछ यादगार वीडियो चलाकर शिविर के अपने अनुभव को दिखाया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. वीना अरोड़ा ने विजेता प्रतिभागियों को बधाई दी और उन्हें जीत का जज्बा बनाए रखने के लिए प्रेरित भी किया। इस अवसर पर सुश्री हरमनु, सुश्री भावना एवं श्री परमिंदर सिंह भी उपस्थित थे।













