
जालंधर, 23 अप्रैल (धर्मेंद्र सौंधी) : एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स जालंधर के होम साइंस विभाग एवं एनएसएस विंग के सौजन्य से ‘पोषण पखवाड़ा’ के उपलक्ष्य में एनीमिया फ्री इंडिया विषय पर वर्कशॉप का आयोजन किया गया।
प्राचार्य डॉ नीरजा ढींगरा ने इस विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहां की आजकल 15 से 49 वर्ष की महिलाओं में 57% महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं तो इस स्थिति में विद्यार्थियों को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए, पौष्टिक खान-पान एवं एक सही जिंदगी जीने के लिए संतुलित आहार का महत्त्व समझाना बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा निश्चित रूप से ऐसी वर्कशॉप्स विद्यार्थियों का दिशा-निर्देश देने में सहायक होती है विशेषकर इस वर्कशॉप में एनएसएस विंग के विद्यार्थियों की उपस्थिति उनको तो प्रेरित करेगी ही साथ में भी एनएसएस विंग के विद्यार्थी कैंप के माध्यम से गांव-गांव जाकर पौष्टिक खानपान के महत्त्व से वहां के लोगों को भी जागरुक कर सकते हैं। इस वर्कशॉप का मुख्य विषय ‘मां और बच्चे के सही पोषण था। स्रोत वक्ता के रूप में होम साइंस विभाग की अध्यक्ष डॉ मोनिका आनंद ने मां एवं बच्चों की पोषण पर विशेष रूप से अपने विचार व्यक्त करते हुए
कहा कि जब भी हमने एनीमिया के लक्षण शुरू हो तो हम अपनी रोजमर्रा के खाने पीने का ध्यान रखते हुए एनीमिया की समस्या को दूर कर सकते हैं उन्होंने बताया कि उबले हुए काले चने की चाट, काले चने के कटलेट, बीटरूट की टिक्किया, पालक कोप्ता, पालक पूरी, स्ट्रॉबेरी स्मूदी आदि का अपनी खुराक में शामिल करते हुए हम एक स्वस्थ जिंदगी की ओर आगे कदम बढ़ा सकते हैं। होम साइंस विभाग एवं एनएसएस के लगभग 50 विद्यार्थियों ने इस वर्कशॉप में भाग लिया। इस वर्कशाप का सफल आयोजन करने के लिए डॉ नीरजा ढींगरा ने डॉ मोनिका आनंद एवं डॉ सिंम्की देव के प्रयासों की भरपूर सराहना की।
























