
चंडीगढ, 31 अक्तूबर (ब्यूरो) : रिश्वत केस में पकड़े गए पंजाब के पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर की न्यायिक हिरासत पूरी हो गई। वीडियो कान्फ्रेंसिंग से CBI कोर्ट में उनकी पेशी हुई। हांलाकि मंडी गोबिंदगढ़ के व्यापारी से 5 लाख रुपए की रिश्वत मामले में और आय से अधिक संपति बनाने के मामले में CBI की तरफ से रिमांड की मांग नहीं की गई। जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब उन्हें 14 नवंबर को दोबारा से सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा। बिचौलिए कृष्नु को CBI की तरफ से पहले ही रिमांड पर लिया हुआ है। उससे हुई पूछताछ के बाद ही पूर्व DIG भुल्लर से भी अब पूछताछ होगी। CBI कृष्नु और पूर्व DIG के आपसी संपर्क के अलावा उनके दूसरे व्यापारियों और पुलिस अफसरों से संबंधों से सुराग और सबूत जुटाने में लगी हुई है।
डीआईजी भुल्लर के वकील एचएस धनोआ का कहना है कि भुल्लर की प्रापर्टी उनकी नौकरी से पहले की है। सीबीआई ने उनका रिमांड नहीं मांगा। ज्यूडिशियल कस्टडी की एप्लीकेशन मूव की थी। जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। वकील धनोआ ने आगे कहा कि हमने अदालत से एक मांग की है कि सोशल मीडिया पर उनके बारे में जो फैक्ट पेश किए जा रहे है। उसे कंट्रोल किया जाए। भुल्लर की सारी प्रॉपर्टी पुश्तैनी है। उनके नौकरी जॉइन करने से पहले की है। वहीं, उन्होंने कहा कि समय आने पर हम अदालत में सारी चीजें फैक्ट के साथ पेश करेंगे।
CBI की तरफ से अब तब रिश्वत के मामले की जांच की जा रही है, अब उनकी जांच का दायरा पूर्व DIG की तरफ से 2017 से लेकर अब तक बनाई जमीन जायदाद की जांच तक बढ़ गया है। सीबीआई की जांच के अनुसार, अगस्त 1 से 17 अक्टूबर तक भुल्लर की वेतन से प्राप्त आय 4.74 लाख थी।
CBI ने पाया कि भुल्लर द्वारा वित्त वर्ष 2024–25 के लिए दाखिल आयकर रिटर्न के अनुसार, उनकी सभी ज्ञात सोर्सों से वार्षिक आय 45.95 लाख है। हालांकि जब्त की गई संपत्तियों और परिवार से जुड़ी संपत्तियों का मूल्य कई करोड़ रुपए आका गया है। CBI ने बताया कि भुल्लर ने अनजान लोगों की मिलीभगत से अपनी ज्ञात आय के सोर्सों से अधिक संपत्ति बनाई है और अपने पद के दौरान अवैध रूप से खुद को समृद्ध किया। वह जब्त की गई संपत्तियों के बारे में संतोषजनक स्पष्टीकरण भी नहीं दे पाए।
























